करनाल, 3 जून। एडीसी डॉ. राहुल रईया की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पुलिस विभाग, जिला के सभी बैंक प्रतिनिधियों, सरकारी विभाग के नोडल अधिकारियों एवं संबद्ध संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में एडीसी ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित स्कीमों के तहत आवेदन करने वाले प्रार्थियों को बेवजह परेशान न किया जाए बल्कि समय पर ऋण उपलब्ध करवाया जाए ताकि वे स्वरोजगार स्थापित करके न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनें बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करवाने में सक्षम हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गरीब व जरूरतमंद लोगों के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ प्रदान करें और अपने-अपने बैंक के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत अधिक से अधिक नागरिकों को पंजीकृत किया जाए। ग्राहकों को कैशलेस लेन-देन के लिए जागरूक करने हेतु कैम्पों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बैंक पुलिस विभाग को एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज आवश्यकता के समय अतिशीघ्र उपलब्ध करवाएं। फसल बीमा योजना में किसानों की संख्या को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि आपदा के समय किसान को आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के तहत रेहड़ी-फड़ी एवं ठेला चलाने वाले व्यक्तियों को 15 से 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी डीसीओ को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ शाखा प्रबंधकों को लंबित सभी आवेदनों के त्वरित निपटान एवं पोर्टल अपडेट के लिए निर्देशित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का शीघ्र सत्यापन करें तथा पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध करवाया जाए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य घरों को सौर ऊर्जा से जोडक़र मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत, घरों की छतों पर सौलर पैनल लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देती है जिसकी अधिकतम सब्सिडी सीमा 78 हजार तक है।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक राजीव मिनहास ने एडीसी डॉ. राहुल रईया का स्वागत किया और कहा कि बैंक अधिकारी लंबित ऋण आवेदनों पर तुरंत कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि बिना कारण ऋण आवेदन पत्र लंबित रखना बैंक की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा प्रबंधकों पर दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है। इसलिए सभी शाखा प्रबंधक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से ऋण आवेदनों का निपटान करना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ कंवल किशन ने महत्वपूर्ण विचार एवं दिशा-निर्देश प्रस्तुत किए। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त ऋण आवेदन पत्रों का त्वरित निपटान सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित मामलों को शीघ्र पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
