कुरुक्षेत्र 03 जून। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक लोककला सांझी को पुनर्जीवित करने के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा एक विशेष संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। जिसमें मण्डल स्तर पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर विभाग हरियाणा की प्रसिद्ध कला को न केवल संरक्षित कर रहा है, अपितु युवा वर्ग को प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के लिए भी प्रयासरत है। आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त हो रही इस प्राचीन लोक कला को बचाने के लिए विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल तथा महानिदेशक के.एम. पाण्डुरंग के दिशा-निर्देश में कला कीर्ति भवन में 5 से 7 जून तक तीन दिन की सांझी कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांझी तैयार करेंगी। यह जानकारी कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की चित्रकला अधिकारी रेनू हुड्डा ने दी। उन्होंने बताया कि सांझी केवल एक कला नहीं, बल्कि हरियाणा प्रदेश की लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस कला के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकेगी। शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कला से दूर होती जा रही है। जिसके कारण विभाग मण्डल स्तर पर महिलाओं और युवाओं को इस कला के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में अम्बाला मण्डल के कुरुक्षेत्र स्थित कला कीर्ति भवन में 5 से 7 जून तक सुबह 9 बजे से यह कार्यशाला रहेगी। जिसमें दोपहर तक प्रतिभागी महिलाएं सांझी बनाने की कला के गुर सीख सकती है।
