चंडीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने दूसरे दलों में अध्यक्षों की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और दूसरे दलों में अध्यक्षों की नियुक्तियां होने में जमीन-आसमान का अंतर है।

विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक प्रजातांत्रिक पार्टी है, जिसमें संगठनात्मक चुनाव होते हैं। पहले हमारे बूथों के चुनाव होते हैं, फिर मंडल, फिर प्रदेश और फिर राष्ट्रीय चुनाव किए जाते हैं। दूसरे दलों में इससे ठीक उलट होताहै, क्योंकि वहां संगठन नहीं बल्कि एजेंसियां काम करती हैं।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज शुक्रवार को चंडीगढ़ में मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने पानीपत की रेडियोलाजिस्ट डा. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने की सराहना की है। विज ने कहा कि अर्चना गुप्ता भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता हैं और उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने से हरियाणा भाजपा में पहिये लग जाएंगे।

उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ता का प्रदेश अध्यक्ष बनना काफी सकारात्मक संदेश है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा में काम करने वाला आम कार्यकर्ता भी बड़े से बड़े पद पर पहुंच सकता है। परिवहन मंत्री ने कहा कि काफी समय बाद भाजपा में किसी महिला को कमान मिली है।

हरियाणा में दोबारा मिला महिला को मौका

डॉ. अर्चना गुप्ता से पहले यमुनानगर की तत्कालीन विधायक व स्वास्थ्य मंत्री रह चुकी डा. कमला वर्मा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष बनी थीं। अब दोबारा फिर महिला को मौका मिला है। उन्होंने उदाहरण दिया कि विपक्ष राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के खिलाफ है, लेकिन भाजपा महिलाओं को स्वयं आगे लाकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। दूसरे दलों और भाजपा की कार्यसंस्कृति में यही मूल अंतर है।

अनिल विज ने कांग्रेस संगठन में होने वाली नियुक्तियों पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में पहले ऊपर से पदाधिकारी बन जाते हैं। जिस प्रकार राहुल गांधी को ये लोग बदल ही नहीं सकते, उसी तरह से फिर प्रदेशों में यही स्थिति बनी रहती है। प्रदेशों वाले जिलों में और जिले वाले ब्लाकों में अपनी मर्जी से पद बांट देते हैं। वहां नियुक्तियों का कोई मैकेनिज्म अथवा सिस्टम नहीं है, जबकि भाजपा में सारे काम नियम और पार्टी के प्रति समर्पण का आकलन कर होते हैं।

तेल के दाम हमने नहीं बढ़ाए

परिवहन मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के महंगाई बढ़ने संबंधी बयान पर कहा कि वे इतने सालों तक सरकारों में रहे हैं, मुद्रा स्फीति भी इनके समय में आई, तब इनको याद नहीं आई। आज जो कुछ हो रहा है, इसके लिए हम जिम्मेवार नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेवार हैं। आज तेल के दाम बढ़े तो वह हमने नहीं बढ़ाए।

हमने बाकी देशों के मुकाबले महंगाई को नियंत्रण में रखा है। सभी देशों पर इसका असर पड़ रहा है, मगर उसका कारण हम नहीं, स्ट्रेट आफ होर्मुज हमने बंद नहीं किया, बल्कि कहीं पर कुछ भी होता है तो सारे संसार पर इसका असर पड़ता है। भारत के लोगों पर कम प्रभाव पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार प्रयास कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *