कुरुक्षेत्र, 22 मई : प्रेरणा वृद्धाश्रम में अपनों द्वारा ठुकराए एवं घरों से निकाले बुजुर्ग आश्रय ले रहे हैं। अंतिम समय में अपनों का साथ मिले तो ऐसे लोगों का बड़ा भाग्य और पुण्य कर्मों का फल माना जाता है। ऐसा ही कुछ नजारा प्रेरणा वृद्धाश्रम में देखने को मिला। प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक एवं संचालक डा. जय भगवान सिंगला ने बताया कि जर्मनी में रहने वाली एक बेटी श्रुति विदेश में रहकर भी अपने संस्कारों को भूली नहीं है। इसी बेटी ने प्रेरणा वृद्धाश्रम में रह रही अपनी मां के देहांत के उपरांत जर्मनी से आकर अपनी मां का अंतिम संस्कार पूरे विधि विधान से किया। डा. सिंगला ने कहा कि आज समाज में जहां चारों ओर शोर है कि हमारे युवा अपने संस्कारों को भूलते जा रहे हैं और माता-पिता की सेवा तो दूर उनके पास अंतिम संस्कार करने का भी समय नहीं है। ऐसे में जब श्रुति जैसी बेटियों आकर अपने मां-बाप को संभालती हैं तो कहने को दिल करता है कि बेटियां तो बेटियां होती है। बेटियां जायदाद बांटने नहीं मां बाप के दुख दर्द बांटने के लिए आती हैं। डा. जय भगवान सिंगला ने बताया कि कुछ समय पहले भी श्रुति अपनी माता के साथ प्रेरणा वृद्धाश्रम में जर्मनी से बुजुर्गों के साथ समय बिता कर गई थी। डा. जय भगवान सिंगला ने अपने अनुभवों अनुसार कहा कि आज जहां मात्र बीस – पचास किलोमीटर की दूरी पर रहते हुए भी बेटे कभी अपने माता-पिता का पता करने नहीं आते हैं। समाचार देने पर भी उनका अंतिम संस्कार करने नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि ऐसे में हमारी एक बेटी श्रुति मां-बाप की सेवा करने को जर्मनी से आती है। माता श्यामा मल्होत्रा की बेटी श्रुति वैजल जो जर्मनी में रहती है, जब उसकी माता की बाजू में फ्रैक्चर हुआ तो वह दो महीने की छुट्टियां लेकर अपनी मां की सेवा करने आई। गत दिवस जब उनकी माता का देहावसान हुआ तो श्रुति संस्कार करने के लिए अपने बेटे के साथ जर्मनी से आई है। हालांकि उनके परिवार के और भी सदस्य कुरुक्षेत्र में ही रहते हैं लेकिन कभी किसी ने आकर वृद्धाश्रम में अपनी मां की सेवा करना तो दूर उनसे बात करना भी उचित नहीं समझा है। बुजुर्ग माता श्याम मल्होत्रा का अंतिम संस्कार भारतीय रीति रिवाज और परंपराओं के अनुसार विधि विधान से उनकी बेटी श्रुति ने अपने बेटे की हाथों मुखाग्नि दिलवा कर संपन्न कराया। इस समय वृद्धाश्रम के सभी बुजुर्ग और प्रेरणा संस्था के सदस्य, अध्यक्ष जसबीर गुंबर, उपाध्यक्ष किरण गर्ग, कोषाध्यक्ष आशा सिंगला, महासचिव हरकेश पपोसा, सुरेखा इत्यादि भी मौजूद रहे।
