कुरुक्षेत्र, 20 मई : बुधवार को 43 से 44 डिग्री तापमान की भीषण गर्मी में भी जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी जनकल्याण, विश्व शांति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर पंच धूणी अग्नि तपस्या में बैठे। उल्लेखनीय कि हर वर्ष महंत राजेंद्र पुरी कठिन साधना करते हुए चिलचिलाती धूप के बीच अपने चारों ओर आग के ढेर लगाकर बैठते हैं। उनकी हर वर्ष अग्नि तपस्या सवा महीने की होती है। 25 मई से नौतपा प्रारंभ हो रहा है तो नौतपा में भीषण गर्मी में पंच धूणी अग्नि तपस्या पर बैठे महंत राजेंद्र पुरी की तपस्या और भी कठोर हो जाएगी। नौतपा में पंच धूणी अग्नि तपस्या के कुंडों की अग्नि भी तीव्र हो जाएगी। नौतपा के इन नौ दिनों में सूर्य पृथ्वी के बहुत निकट रहने के कारण गर्मी बहुत बढ़ती है। उन्होने बताया कि नौतपा के दिनों में जहां संत महापुरुष जनकल्याण के लिए कठोर तप करते हैं वहीं बुजुर्ग व संत अधिक से अधिक वृक्षारोपण की प्रेरणा भी देते हैं। बुधवार को जग ज्योति दरबार में भगवान शिव पार्वती नंदन श्री गणेश की पूजा के साथ भजनों का गुणगान किया गया। महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि विश्व शांति, मानव कल्याण एवं भारत वर्ष की मजबूती के लिए वर्षों से भीषण गर्मी में अखंड पंच धूणी अग्नि तपस्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही नौतपा जीवों की सुरक्षा की भी प्रेरणा देता है। सभी लोगों को अपने घरों में यज्ञ अवश्य करना चाहिए। इससे सनातन को भी मजबूती मिलती है। महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि आज पृथ्वी पर पेड़ पौधों की कमी हो रही है। आज जल, वायु, पृथ्वी तथा जीवन को अगर कोई शुद्धि दे सकता है तो यज्ञ ही है। आज पांच तत्व अशुद्ध हो रहे हैं, इन्हीं पांच तत्वों से मिलकर ही मनुष्य का शरीर बनता है। उन्होंने सभी से अपील की कि घरों में यज्ञ अवश्य करें। इस अवसर पर रवि कुमार, सुरेंद्र ठक्कर, सुषमा ठक्कर, प्रदीप शर्मा, राम सिंह, कुलदीप सिंह, राजपाल, सतीश कुमार मेहला, दीपक शर्मा, ईश्वर सिंह, मंजीत सिंह, मोहन लाल, वंदना अरोड़ा, राहुल शर्मा, धर्म सिंह, चेतन गुप्ता, राम चंद्र, सुमन रानी, अंग्रेजो देवी, मांगा राम, सतनाम, सुनील कुमार, सोहन लाल, बाला देवी, जंगशेर सिंह, शालू, अजय राठी, विजय राठी, अक्षय राठी, परमजीत सिंह, मनप्रीत सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
