करनाल, 20 मई। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि जिला प्रशासन की ओर से मलिन बस्तियों के बच्चों के पुनर्वास के मकसद से लगाया गया शिविर सराहनीय पहल है। इससे इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जुडऩे का मौका मिलेगा और वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। सरकार भी अंत्योदय की भावना से काम कर रही है ताकि पंक्ति में सबसे पीछे खड़े व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्री कल्याण आज महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण यूनिट की ओर से सेक्टर 33 के कम्युनिटी सेंटर में मलिन बस्तियों (स्लम एरिया) के बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष शिविर का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्थापित किए गए काउंटरों का दौरा किया, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से बात की और बच्चों से मिले व नौनिहालों को दुलारा। श्री कल्याण ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य सबसे गरीब व उपेक्षित वर्ग के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। बेहतर भविष्य के लिए इन बच्चों के कागजात तैयार करना है ताकि उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए उनका स्कूलों में दाखिल सुनिश्चित किया जाए।
श्री कल्याण ने कहा कि देखने में आया है कि बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो न कभी स्कूल गए और न ही उन्हें किसी योजना का लाभ ही मिला है। ये बच्चे जिन परिवारों से जुड़े हैं उनमें से अधिकांश के पास आधार कार्ड जैसे दस्तावेज तक नहीं हैं। शिविर में स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्चों में कई तरह की कमियां भी पाई गई हैं। कुछ को नशे की लत लग गई है। विपरीत परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने सभी बिंदुओं पर काम करते हुए विभिन्न विभागों से मिलकर एक सराहनीय पहल की है। सरकार का भी प्रयास है कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले। इस दृष्टि से जिला प्रशासन ने विशेष शिविर आयोजित करके उचित कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब हर व्यक्ति आत्मनिर्भर होगा, हर बच्चा पढ़-लिख कर अच्छा नागरिक बनकर आगे बढ़ेगा। यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि ईश्वरीय कार्य है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी निरंतर प्रदेश की प्रगति और जन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि ऑनलाईन व्यवस्था को मजबूत कर हर पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिले।
आज के शिविर में स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला रेडक्रॉस सोसायटी, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड), शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण यूनिट, एमडीडी बाल भवन आदि की ओर से अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे। डब्ल्यूसीडी की ओर से आज 181 बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों द्वारा बच्चों का रक्तचाप, वजन, ऊंचाई, सिर व बाजू का माप के अलावा जन्मजात विकारों यथा-दिल में छेद आदि की जांच की गई। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। शिविर में पहुंचे चर्म व दंत रोग के 2 बच्चों को सिविल अस्पताल रेफर किया गया। इसके अलावा 130 बच्चों को आयरन और पेट के कीड़ों की दवाई दी गई। क्रीड की ओर से 38 बच्चों के मौके पर ही आधार कार्ड बनाए गए। शून्य से छह साल के 43 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों और 6 से 15 साल के 71 बच्चे स्कूल में प्रवेश के योग्य पाए गए। संबंधित विभाग को अब इनका आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 14-15 साल की युवतियों को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया गया। 124 बच्चों की एचआईवी काउंसलिंग की गई। जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से बच्चों को अल्पाहार वितरित किया गया।

शिविर में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त (प्रशिणाधीन) सोहम शैलेंद्र, मार्केट कमेटी घरौंडा के चेयरमैन राजकुमार पालीवाल, शिविर से जुड़े विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। आज के शिविर में आसपास की मलिन बस्तियों से बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। 21 मई को सेक्टर 33 के न्यू कम्युनिटी सेंटर में भी शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके पहले शहर के अलग-अलग स्थानों पर 13, 14 व 18 मई को सफल शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

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