कुरुक्षेत्र, 19 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नॉन-टीचिंग एम्प्लॉइज एसोसिएशन (कुंटिया) के चुनाव को लेकर कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। कुंटिया का कार्यकाल फरवरी माह में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनाव के शेड्यूल को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

कुंटिया के पूर्व प्रधान राम कुमार गुर्जर तथा नीलकंठ शर्मा ने बताया कि कुंटिया कार्यकारिणी ने पहले 12 मार्च को चुनाव करवाने का कार्यक्रम घोषित किया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण चुनाव नहीं हो सके। इसके बाद कार्यकारिणी ने 20 मई को चुनाव करवाने का नया शेड्यूल जारी किया, मगर इस पर भी अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कुंटिया के पूर्व प्रधान राम कुमार गुर्जर तथा नीलकंठ शर्मा ने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद वर्तमान कार्यकारिणी ने अब तक कोई सामान्य सभा (जनरल बॉडी मीटिंग) भी नहीं बुलाई है, जिससे कर्मचारियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समय पर चुनाव होना आवश्यक है ताकि नई कार्यकारिणी का गठन पारदर्शी तरीके से किया जा सके। गौरतलब है कि कुंटिया चुनाव को कराए जाने को लेकर अब तक विश्वविद्यालय के लगभग 800 कर्मचारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर चुनाव जल्द करवाने की मांग उठाई है। कर्मचारियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कुंटिया चुनाव प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करवाया जाए ताकि कर्मचारियों को नई प्रतिनिधि कार्यकारिणी मिल सके और कर्मचारी हित के कार्य सुचारू रूप से हो सकें।

रामकुमार गुर्जर व नीलकंठ शर्मा ने बताया कि लंबे समय तक चुनाव लंबित रहने से संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वर्तमान कार्यकारिणी से जल्द स्थिति स्पष्ट करने तथा चुनाव की तिथि घोषित कर प्रक्रिया पूरी करवाने की मांग की है।

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