पानीपत। जीटी रोड टोल प्लाजा के पास टीडीआइ सेक्टर-39 में सीवरेज का दूषित पानी ट्रीट किए बिना ही खुले में ही बहाया जा रहा है। यह दूषित पानी ऐसे ही जमीन में समा रहा है। इन हालातों को देखकर स्थानीय लोगों को इंदौर जैसी त्रासदी का डर सता रहा है।
इंदौर में सीवर का दूषित पानी पेयजल सप्लाई मिलने के कारण उसे पीने से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अब ऐसा ही डर टीडीआइ के निवासियों को भी सता रहा है, क्योंकि लोगों का कहना है कि जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में करीब ढाई साल से सीवरेज ट्रीटमेंट नहीं होने की समस्या समेत अन्य मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। फिर भी समाधान नहीं हो रहा है।
सीवर कनेक्शन किसी भी डिस्पोजल सिस्टम के साथ नहीं जुड़े
टीडीआइ में सीवर कनेक्शन किसी भी डिस्पोजल सिस्टम के साथ नहीं जुड़े हैं। ऐसे में बिना ट्रीट हुआ पानी भूमिगत सीवर वाली पाइप में ही घूमता है। सीवरलाइन ओवरफ्लो होने से इस पानी को टैंक में भरा जाता है। फिर इस पानी को सामुदायिक केंद्र के पास बने एसटीपी में ट्रीट करने का दावा किया जाता है, लेकिन यहां तो टैंक सूखे पड़े हैं।
स्थानीय निवासी पवन कपूर का कहना है कि उसने करीब चार साल पहले टीडीआइ में 73 सी ग्राउंड फ्लोर लिया था। पहले देखने में बहुत खूबसूरत टीडीआइ टाउनशिप आज मुसीबतों से भरी है।
यहां एसटीपी नहीं है। टीडीआइ की आरडब्ल्यूए करीब ढाई साल से इस मुद्दे समेत अन्य समस्याओं को जिला कष्ट निवारण समिति समेत अन्य माध्यमों से उठा रही है। फिर भी बिल्डर कोई समाधान नहीं निकाल रहे हैं।
क्या इंदौर जैसी त्रासदी का इंतजार
पवन कपूर का कहना है कि एसटीपी नहीं लगाना बड़ी गंभीर चिंता का विषय है। क्या जिला प्रशासन इंदौर में जो घटित हुआ, वैसी ही घटना का इंतजार कर रहा है। यहां पर तो चिंता कई गुना बढ़ गई है। पीने के पानी के साथ सीवरेज का पानी मिला तो बड़ी समस्या होगी। हमारी शिकायतों को छत से कई बार चुप कराया गया है। हर बार आगे तारीख बढ़ा दी जाती है।
टीडीआइ निवासी विवेक तोमर का कहना है कि मैं खुद बहुत बार शिकायतें उठा चुका हूं। कंपनी पर पुलिस केस भी दर्ज हुए हैं। फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। पानी सप्लाई के लिए जेनरेटर ही चलाए जाते हैं। पार्क व सड़कें खस्ताहाल हैं। यहां पर 2200 प्लाट हैं। इनमें करीब 600 परिवार रहते हैं। इनके अलावा 500 से अधिक बीपीएल और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स हैं।
अंसल में भी खस्ताहाल सड़कें
अंसल सिटी में भी खस्ताहाल सड़कें हैं। कई सड़कों में वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात में गुजरने में ज्यादा परेशानी उठनी पड़ रही हैं। इस तरह से शहर की दोनों निजी टाउनशिप में परेशानियों का अंबार है।
अभी टीडीआइ सिटी के निवासियों को कोई परेशानी नहीं है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जो भी शिकायतें आई थीं, उन सभी का समाधान करवा दिया है। फिर भी कोई दिक्कत है तो उसका भी समाधान कराएंगे। -मोहित शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, टीडीआइ।
