शहजादपुर (अंबाला)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) में महाराणा प्रताप के नाम पर अध्ययन केंद्र शुरू होगा और एक चेयर स्थापित की जाएगी। शहजादपुर के गांव बड़ागढ़ स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम बदलकर महारानी पद्मावती राजकीय महाविद्यालय किया जाएगा।

वह रविवार को शहजादपुर में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत महाराणा प्रताप जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण भी किया। समारोह में मिजोरम के राज्यपाल जनरल डा. विजय कुमार सिंह और प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि जब तक स्वाभिमान जीवित है तब तक हमारी आत्मा जीवित है। देश की सभ्यता व संस्कृति पर कोई आंच न आने देने के उनके सिद्धांत आज भी मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनकी बहादुरी से प्रेरित होकर ही हमारी सेनाओं ने युद्धों में अनेक बार दुश्मनों को धूल चटाई है।

सीएम ने कहा कि हाल ही में हमने आपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ मनाई है। एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेनाओं ने आतंकियों को सबक सिखाया है। सीएम नायब सिंह ने कहा कि यह वही सशक्त भारत है जिसका सपना महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों ने देखा था।

उनकी वीर गाथाएं इतिहास की शान हैं।मुख्यमंत्री ने राजपूत छात्रावास के निर्माण कार्य के लिए 31 लाख रुपये देने और शहजादपुर के कच्चे नाले को पक्का करवाए जाने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होनें नारायणगढ विधानसभा क्षेत्र के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

मिजोरम के राज्यपाल जनरल डा. विजय कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा बनना चाहिए। उनके जीवन से हमें सीखना चाहिए कि हम कभी अपनी धरोहर, संस्कृति व धर्म को नहीं भूलें। उनके आदर्शों पर चलने से ही समाज, प्रदेश व देश का उत्थान होगा।

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