कुरुक्षेत्र, 16 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए किसानों को पांच वर्षों तक 10 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। अहम पहलू यह है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल किसानों की आय में वृद्धि करना है, बल्कि भूमि की उर्वरता को बनाए रखते हुए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को भी कम करना है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि बदलते समय में उपभोक्ता भी स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं और जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। जो किसान प्राकृतिक या जैविक खेती अपनाएंगे, उन्हें अगले पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रति वर्ष 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी उपज का प्रमाणन पहले से ही Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) से करवाना अनिवार्य होगा, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार और लोगों को स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
