अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। ट्रेन संख्या 12407 करमभूमि एक्सप्रेस में बच्चों को पंजाब के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल फ्री नंबर 18001027222 पर मिली सूचना के बाद अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देश पर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी ने तुरंत बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जीआरपी और आरपीएफ अंबाला कैंट को जानकारी दी। इसके बाद संयुक्त टीम ने ट्रेन में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
15 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू
चेकिंग के दौरान 15 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्राथमिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। इनमें से करीब 10 बच्चों को लुधियाना की एक राइस मिल में काम पर लगाया जाना था, जहां उन्हें 10 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी। बच्चों से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक काम करवाने की योजना थी और लुधियाना रेलवे स्टेशन पर एक ठेकेदार उनके इंतजार में था।
रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसलिंग की गई तथा उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया। डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेज दिया गया।
बच्चों को सुरक्षित बचाया
प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला ने कहा कि सूचना मिलते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। उन्होंने बताया कि बच्चों के परिजनों की तलाश की जा रही है। रेस्क्यू किए गए कुछ बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार भी बाल तस्करी और बाल मजदूरी को लेकर गंभीर है तथा प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर बच्चों के रेस्क्यू और पुनर्वास का कार्य कर रहे हैं।
इस अभियान में आरपीएफ थाना प्रभारी रविंद्र सिंह, एसआई कविता, एएसआई संजीव कुमार व उनकी टीम के अलावा जिला युवा विकास संगठन के मुख्य सलाहकार डॉ. अमित, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी, हरविंदर सिंह हुंडल, हाकम सिंह, रूबल, हरदीप सिंह नड़ियाली और लॉ इंटर्न माधव चोपड़ा मौजूद रहे।
