कुरुक्षेत्र, 15 मई।
श्री कृष्ण कृपा गौशाला में गीता मनीषा स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने गाय गोपाल और हनुमान के स्वरूप का लोकार्पण किया। इन स्वरूपों का पहले वैदिक रीति से आचार्य नरेश के नेतृत्व में ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन किया। गीता मनीषी ने यज्ञ पूर्णाहूति भी डाली। गीता मनीषी के जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्वामी जी को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर अपने आशीर्वचन में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं से गौसेवा, गीता पाठ और प्रतिदिन मंत्र जाप करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गऊसेवा और गीता पाठ के मूल में भगवान कृष्ण की कृपा है। जीवन को सार्थक ढंग से जीने के लिए गीता का पाठ करना चाहिए। जीवन की पूंजी आनंदमय है और इससे प्रभु की कृपा भी मिलती है। भगवान के प्रति समर्पित होकर जीवन जीने से प्रभु कृपा बनी रहती है। गीतापाठ से सात्विक वातावरण बनता है। जहां भगवान की कृपा होती है वहीं आनंद होता है।
अपने संबोधन में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि जहां देश संविधान से चलता है वहीं समाज संतों की वाणी से चलता है। गीता मनीषी का जीवन गाय और गीता के प्रति समर्पित है। कुरुक्षेत्र की धरा पर युद्ध की भूमि में गीता उपदेश हुआ। सारे जीवन की समस्याओं का समाधान गीता में है। उन्होंने कहा कि संतों की कृपा से जीवन सफल होता है। गौसेवा पर बल देते हुए श्याम सिंह राणा ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौसेवा का बड़ा महत्त्व है। गाय के दूध में पांचों तत्त्व होते हैं। सनातन संस्कारों का पालन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। इस अवसर पर गीता मनीषी ने आशीर्वाद स्वरूप कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, गौसेवा आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्रवण गर्ग, समाजसेवी महावीर मढाण, मदन मोहन छाबड़ा, विजय नरूला, कुंटिया की प्रधान रजवंत कौर तथा धीरज वालिया को स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में श्री कृष्ण कृपा गौशाला के प्रधान सुनील वत्स, जीओ गीता के प्रधान डॉ. ऋषिपाल, संरक्षक हंसराज सिंगला, मंगत राम सिंगला, रमाकांत, पवन भारद्वाज, श्याम आहूजा, मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा, श्री हनुमान मंदिर सभा के प्रधान कृष्ण धमीजा व फतेहचंद गांधी ,महेंद्र आलमपुर, सतीश टामक, अनिल शर्मा प्राध्यापक डाइट पलवल, अशोक यादव सहित भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने गीता मनीषी का आशीर्वाद लिया।
