अंबाला शहर। शहजादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 94 लाख रुपये का वेतन घोटाला उजागर हुआ है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच में खुलासा हुआ है कि एमपीएचडब्ल्यू जरनैल सिंह ने तत्कालीन एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद के साथ मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री कर 94 लाख 14 हजार 950 रुपये अतिरिक्त वेतन निकाल लिया। आरोप हैं कि दोनों ने मिलकर ई-सैलरी पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां कर सरकारी धन का गबन किया।

सीएम फ्लाइंग की शिकायत के बाद मामले में थाना शहजादपुर में दोनों के खिलाफ जालसाजी और सरकारी धन के गबन सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को शिकायत मिली थी कि सीएचसी शहजादपुर में तैनात एमपीएचडब्ल्यू (मेल) जरनैल सिंह को उसके वास्तविक वेतन 74 हजार से कई गुना अधिक भुगतान किया जा रहा है।
शिकायत के बाद मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर सीएचसी शहजादपुर में औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम में निरीक्षक राजेश, उप निरीक्षण परविंद्र सिंह, एएसआई जनकराज व सुखविंद्र और एचसी बलविंद्र व जिला स्वास्थ्य विभाग से डा. विपिन भंडारी व सहायक लेखाकार संजीव शामिल रहे।

जांच में क्या सामने आया?

जांच के दौरान ई-सैलरी पोर्टल से जरनैल सिंह की वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक की वेतन डिटेल निकाली गई। रिकार्ड की जांच में सामने आया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 75 लाख 71 हजार 550 और 2023-24 के दौरान 66.43 लाख 400 रुपये आरोपित ने भत्तों में फेरबदल कर अपने खाते में डलवाई।

जांच में यह भी सामने आया कि उस समय डा. तरुण प्रसाद सीएचसी शहजादपुर में एसएमओ और डीडीओ के पद पर तैनात थे। वेतन बिल उनके हस्ताक्षर के बाद ही ट्रेजरी भेजे जाते थे। डाक्टर तरुण प्रसाद का पहले भी कई विवादों से नाम जुड़ा रहा है। 30 मई को उन्होंने सेवानिवृत्त होना है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शहजादपुर थाना के इंस्पेक्टर लखबीर सिंह ने कहा कि सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश की शिकायत पर एसएमओ डा. तरुण प्रसाद व जरनैल सिंह पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

 

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