चंडीगढ़। प्रदेश में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) के गठन को लेकर गृह विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी है। ऐसे में एटीएस के गठन में देरी हो सकती है। वित्त विभाग ने पड़ोसी राज्यों में चल रही एटीएस के बजट को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान प्एटीएस गठन की घोषणा करते बजट में 35 करोड़ रुपये का प्रविधान किया था। मानव संसाधन विभाग की ओर से एटीएस में 575 कर्मचारियों और अधिकारियों की भर्ती की भी मंजूरी दी जा चुकी है। वित्त विभाग द्वारा उठाई गई कई आपत्तियों का जवाब डीजीपी हरियाणा ने भेज दिया है।
अब मामले को दोबारा मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्त विभाग को बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को माडल स्ट्रक्चर भेजा है। पिछले साल 26 दिसंबर को हुए एंटी टेरर कांफ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों में एटीएस के गठन की जरूरत पर जोर दिया था।

संसाधनों की कमी बनी बड़ी वजह

दस्तावेजों में कहा गया है कि हरियाणा में पिछले दो वर्षों में आतंक से जुड़े 27 मामले दर्ज हुए हैं। विशेष एटीएस यूनिट और संसाधनों की कमी के कारण इनमें से तीन मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को ट्रांसफर करना पड़ा।

गृह विभाग के प्रस्ताव का आकलन के बाद वित्त विभाग ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में एटीएस में स्वीकृत पदों की संख्या, कर्मचारियों की भूमिका, योग्यता और विशेष हथियारों पर खर्च का ब्योरा मांगा था। जवाब में हरियाणा पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश एटीएस में 654 पद स्वीकृत हैं, जबकि 721 पद स्पेशल पुलिस आपरेशन टीम के हैं।

यह भी बताया कि एटीएस में कांस्टेबल और 50% सब-इंस्पेक्टर पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। कांस्टेबल के लिए न्यूनतम योग्यता 10 2 और सब-इंस्पेक्टर के लिए ग्रेजुएशन रखी गई है। डीजीपी कार्यालय ने वित्त विभाग को यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में एटीएस के कर्मचारियों को बेसिक पे का 30% विशेष प्रोत्साहन (रिस्क अलाउंस) दिया जाता है।

हरियाणा में एटीएस स्टाफ को विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव

इसी तर्ज पर हरियाणा में भी एटीएस स्टाफ को विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार की ओर से एटीएस को आवश्यक आफिस, रेजीडेंशियल, ट्रांसपोर्ट एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं दी जाएंगी।

हाईटेक एटीएस ट्रेनिंग एरिया के लिए जमीन चिन्हित की जाएगी, जिसमें इनडोर-आउटडोर फायरिंग रेंज, स्ट्रेटजिक ड्राइविंग प्रेक्टिस, बाधाओं सहित आउटडोर ट्रेनिंग, रूम इन्टरफ्रेरेंस ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी।

एटीएस का नेतृत्व आइजीपी स्तर का आइपीएस अफसर करेगा। इसके बाद चार आइपीएस रैंक के अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जिम्मेदारी दी जाएगी। नौ डिप्टी एसपी रखे जाएंगे।

एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी, दो असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अआर्नी, असिस्टेंट डायरेक्टर (बेलेस्टिक), दो सीनियर साइंटिफिक आफिसर रखे जाएंगे। वित्त विभाग को सभी सवालों का विस्तृत जवाब भेजा चुका है। अब वित्त विभाग द्वारा इसकी समीक्षा करके कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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