अंबाला। अंबाला-अमृतसर रेल ट्रैक पर शंभू (पंजाब) के पास डेडिकेटिड रेल फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर ब्लास्ट होने के बाद घटनास्थल का दौरा करने के बाद रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा पंजाब में रेलवे और फ्रेट कॉरिडोर को निशाना बनाने के पीछे गैंगस्टर, खालिस्तानी नेटवर्क और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ का खतरनाक गठजोड़ सक्रिय है।

विदेशों में बैठे हैंडलर अब सीधे ऑपरेटर बनकर भारत में वारदातें करवा रहे हैं, जिनका मकसद सिर्फ डर फैलाना नहीं बल्कि देश की सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है। बिट्टू ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की।

पाकिस्तान पर साधा निशाना

रवनीत बिट्टू ने कहा कि अनाज की सप्लाई रोकना, मंडियों से एफसीआइ के गोदामों तक जाने वाले फ्रेट कॉरिडोर रैक को बाधित करना ताकि देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो। गैंगस्टर, खालिस्तानी और आइएसआइ के अफसर अब एक ही टीम की तरह काम कर रहे हैं। इनके गुर्गे मलेशिया में ट्रेनिंग लेते हैं और फिर हिंदुस्तान आकर पंजाब का माहौल बिगाड़ते हैं।

उन्होंने चिंता जताई एक तरफ पाकिस्तान ‘मोहब्बत’ की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ हर रोज 4 से 5 ड्रोन के जरिए हेरोइन, पिस्टल, हैंड ग्रेनेड और यहां तक कि आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) जैसे घातक हथियार पंजाब की सीमा में धकेले जा रहे हैं। पंजाब में हालिया घटनाएं कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे संगठित अंतरराष्ट्रीय साजिश काम कर रही है।

खालिस्तान और ISI मिलकर चला रहे नेटवर्क

उन्होंने साफ किया कि गैंगस्टर, खालिस्तानी समर्थक और आइएसआइ मिलकर एक नेटवर्क चला रहे हैं, जिसमें विदेशों खासतौर पर जर्मनी और मलेशिया में बैठे लोग ट्रेनिंग लेकर भारत में घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मंत्री के अनुसार पाकिस्तान एक ओर “पंजाब-पंजाब भाईचारे” की बात करता है, वहीं दूसरी ओर सीमा पार से लगातार ड्रोन के जरिए हथियार और नशा भेजा जा रहा है। वे बोले रेलवे को टारगेट करने के पीछे दो बड़े मकसद हैं।

पहला, मंडियों से एफसीआई के गोदामों तक और वहां से देशभर में जाने वाली फसल की सप्लाई को बाधित करना। दूसरा, पंजाब में बिजली उत्पादन के लिए आने वाले कोयले की आपूर्ति को प्रभावित करना। हमलावर सुनसान इलाकों में नेशनल हाईवे के पास से मोटरसाइकिल या पैदल रेलवे ट्रैक तक पहुंचते हैं और खासतौर पर फ्रेट कॉरिडोर को निशाना बनाते हैं, जहां सीमित समय के स्लॉट में मालगाड़ियां गुजरती हैं।

रात के समय ऐसी घटनाओं की आशंका ज्यादा रहती है। सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि रेलवे, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। ट्रैक की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी, कैमरे लगाए जाएंगे और ड्रोन निगरानी भी शुरू की जाएगी। इस संबंध में डीजी रेलवे, फ्रेट कॉरिडोर चेयरमैन और अन्य एजेंसियों की उच्चस्तरीय बैठक जल्द बुलाई जा रही है।

पाकिस्तान और अपराधियों को फायदा, पंजाब को नुकसान

बिट्टू ने यह भी कहा कि इन घटनाओं में सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब के आम लोगों का हो रहा है जिसकी जान जाती है वह पंजाब का होता है, जिनके बच्चे अनाथ होते हैं वो भी पंजाब के होते हैं, जबकि फायदा पाकिस्तान और अपराधियों को मिलता है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए गांव स्तर पर संदिग्ध लोगों पर नजर रखें। खासतौर पर धार्मिक वेशभूषा या किसी पंथ के नाम पर छिपकर आने वाले नए लोगों की पहचान और जांच जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर इस चुनौती से सख्ती से निपटेंगी।

रेलवे सॉफ्ट टारगेट जरूर है

एक सवाल के जवाब में वे बोले रेलवे सॉफ्ट टारगेट जरूर है, लेकिन अब ऐसे तत्वों के लिए कोई जगह नहीं होगी। सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

आतंकियों के निशाने पर सीधे तौर पर पंजाब की अर्थव्यवस्था है। खालिस्तानी तत्वों और अमृतपाल के करीबियों पर पैनी नजर है। पंजाब में आतंक की वापसी के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार बेहद सख्त है।

उन्होंने अमृतपाल सिंह के करीबियों और खालिस्तानी समर्थकों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग पटरियों पर खून बहाने की सोच रहे हैं, वे अपने परिवारों और बच्चों का हाल देख लें। मंत्री का कड़ा संदेश जो भी गैंगस्टर या टेररिस्ट बनेगा, उसका अंत बुरा ही होगा।

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