करनाल चीनी मिल द्वारा गन्ना आपूर्ति का भुगतान करने में प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों अव्वल।
अब तक गन्ने आपूर्ति का 92 प्रतिशत हो चुका है भुगतान
करनाल, 26 अप्रैल।
 सहकारी चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति ने बताया कि करनाल सहकारी चीनी मिल ने मिल में उत्पादित सल्फर फ्री रिफाइंड शुगर को थोक दर पर बेचने कि दिशा में रिटेल शॉप की चीनी मिल परिसर, मेरठ रोड पर स्थापना की गयी है ताकि स्थानीय लोगों को थोक दरों पर गुणवत्ता पूर्ण सल्फर फ्री चीनी उपलब्ध हो सके। इस रिटेल शॉप पर सल्फर फ्री रिफाइंड चीनी की 5 किलोग्राम व 10 किलोग्राम की पैकिंग भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि करनाल चीनी मिल ने की गई गन्ना आपूर्ति का 92 प्रतिशत भुगतान कर दिया है जोकि प्रदेश कि सभी सहकारी चीनी मिलों में अव्वल है। इसके अतिरिक्त गत दिवस संपन्न हुई बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की मीटिंग में करनाल सहकारी चीनी मिल ने मिल में उत्पादित शीरे को 1517 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ऑनलाइन टेंडर प्रणाली के माध्यम से विक्रय किया है जोकि सभी सहकारी चीनी मिलों में अब तक का सर्वाधिक मूल्य है।
करनाल सहकारी चीनी मिल ने पिराई सत्र 2025-26 के दौरान अपनी पिराई क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग करते हुए 124 दिनों में 38.82 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की है तथा 9.55 प्रतिशत चीनी रिकवरी के साथ चीनी मिल ने 3.71 लाख क्विंटल रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया है तथा रिकवरी में प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस पिराई सत्र में चीनी मिल में स्थापित 18 मेगावाट कोजेनरेशन प्लाट से कुल 4.82 करोड़ केडब्ल्यूएच यूनिट का उत्पादन किया तथा जिसमें से 3.12 करोड़ केडब्ल्यूएच यूनिट उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्यात करके 19.79 करोड अतिरिक्त शुद्ध लाभांश प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त करनाल सहकारी चीनी मिल ने आगामी पिराई सत्र के लिए 50.00 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई का लक्ष्य रखा गया है। इस पिराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय-समय पर गांव-गांव जाकर प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि गन्ना प्रजनन संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों, सहकारी चीनी मिल के गन्ना अधिकारियों द्वारा जागरूकता अभियान के तहत गन्ना बिजाई की आधुनिक तकनीक के बारे में किसानों को बताया गया तथा गन्ना बिजाई में अगेती किस्म जैसे सीओ-15023, सीओ-0118, सीओएच-160 की बिजाई करने की सलाह दी गई। इसी श्रृंखला में गन्ना प्रजनन संस्थान, करनाल के माध्यम से किसानों को गन्ने की नयी किस्मों जैसे सीओ-17018, सीओ-16030 का बीज भी उपलब्ध करवाया गया। यहाँ पर यह भी उल्लेखनीय है कि इस वर्ष करनाल सहकारी चीनी मिल को उत्कृष्ट उत्पादन एवं बेहतर गुणवत्ता के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक आईएसओ 9001: 2015 से नवाज़ा गया है। यह गत 15 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ 9001: 2015 प्राप्त करने वाली पहली सहकारी चीनी मिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *