भगवान परशुराम जयंती पर एकजुट हुआ समाज : धर्म, न्याय और सद्भाव का सशक्त संदेश
सारस्वत ब्राह्मण सभा के आयोजन में जनप्रतिनिधियों व समाज के प्रबुद्धजनों की सहभागिता
करनाल। सेक्टर आठ में सारस्वत ब्राह्मण सभा द्वारा भगवान परशुराम जी के पावन प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य, प्रेरणादायक एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर इसे गरिमामयी स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में पूजनीय हैं और उनका जीवन धर्म की स्थापना, अन्याय के विरोध तथा सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का प्रेरक उदाहरण है।
महापौर ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और न्याय का साथ नहीं छोडऩा चाहिए। आज के सामाजिक परिवेश में उनके आदर्श और भी प्रासंगिक हो गए हैं। यदि हम उनके बताए मार्ग पर चलें, तो समाज में समरसता, अनुशासन और नैतिकता को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी ओर से सदैव सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाता है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता को बढ़ावा दिया जाता रहेगा।
कार्यक्रम में विधायक जगमोहन आनंद, जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, सभा के प्रधान राजेश शर्मा, महासचिव बलविंदर शर्मा, उपप्रधान सतपाल शर्मा, उपप्रधान पंकज शर्मा, संयुक्त सचिव बृज भूषण, आकाश अत्रि सहित सभा की समस्त कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और सभी ने भगवान परशुराम जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। साथ ही, सामाजिक विषयों, युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को लेकर भी सार्थक संवाद हुआ।
सभा के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोडऩे का कार्य करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं महान विभूतियों के आदर्शों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने भगवान परशुराम जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया तथा समाज में सत्य, न्याय, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की गई।

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