एचपीवी टीकाकरण की भ्रांतियों को करें दूर, सकारात्मक परिणामों के बारे में किया जाए जागरूक
करनाल, 26 अप्रैल। एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण 14 व 15 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के लिए अनिवार्य। इस आयु वर्ग की लड़कियों को जब ये टीकाकरण हो जाएगा तो वे इस घातक बीमारी से बच सकेंगी। यह जन हित और देश हित में है।
एसडीएम शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर उपमंडल करनाल से संबंधी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से 14 व 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की गति को तेज किया जाए और लक्षित शत प्रतिशत लड़कियों का टीकाकरण करवाया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में आईसीई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो प्लान बनाकर कार्य करें और विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करें।
उन्होंने बैठक में बीडीपीओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों और पंचों के माध्यम से जागरूकता लाएं। जब टीकाकरण शुरू हो, तो गांवों में मुनादी करवाई जाए ताकि कोई भी पात्र बच्ची छूट न जाए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जमीनी स्तर पर महिलाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को एचपीवी टीकाकरण के लिए जागरूक करें और वे स्वयं भी उक्त आयु वर्ग की अपनी बेटियों व अन्य लड़कियों तथा उनके अभिभावकों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें।
