बेहतर स्वास्थ्य सफलता की कुंजी : डॉ.ममगाईं
कहा:अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित जीवन है जरूरी
कुरुक्षेत्र स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग रहता है स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ योग, एक्सरसाइज और खेल-कूद ही नहीं, सही खान-पान भी जरूरी है। अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा कर्तव्य है; अन्यथा तो हम अपने दिमाग को मजबूत और स्वस्थ नहीं रख पाएंगे। यह कहना है पूर्व सिविल सर्जन एवं लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के परामर्शक-चिकित्सक और हृदय-छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का।वे आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर परिसर में रोगियों, अभिवावकों, चिकित्स्कों एवं कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हर साल 7 अप्रैल को दुनिया भर में विश्व स्वास्थ्य दिवस(वर्ल्ड हेल्थ डे)मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी के लिए खास संदेश लेकर आता है कि; सेहत ही सबसे बड़ी पूंजी है। स्वास्थ्य के प्रति सभी सचेत रहें, यही इसका परम उद्देश्य है। वर्तमान समय में समाज में बहुत तरह की बीमारियां फैली हुई हैं। यह बीमारियां दिव्यांगता का कारण भी बनती हैं। इसी दिव्यांगता के कारण किसी भी देश के कुल उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और पारिवारिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। अपनी सेहत का खास ध्यान रखना तो हमारी सब की जिम्मेदारी ही है;तो फिर क्यों न इससे स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हम खुद से कुछ वादे करें और उन्हें पूरा भी करें। जब आप खुद से बातें करेंगे तो उन्हें पूरा करने की कोशिश भी करने लगेंगे। अगर यह कोशिश सफल हो गई तो समझिए, आपके शरीर का हर अंग आपको शुक्रिया कहेगा।
जनता को सचेत करते हुए डॉ. ममगाईं ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ डे महज एक औपचारिकता नहीं बल्कि एक ग्लोबल अलार्म बेल है; जो हमें हमारी दिनचर्या, खान-पान,मानसिक स्थिति और जीवन-शैली दोनों की ओर ध्यान दिलाता है।
सेहतमंद रहने के तरीकों की चर्चा करते हुए डॉ. शैली ने कहा कि अपने दिन की शुरुआत खूब सारा ताजा पानी पीकर करनी चाहिए और उठने के बाद कम से कम आधा लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर को हाइड्रेट करने के साथ-साथ शरीर के सभी हानिकारक पदार्थ मल मूत्र के माध्यम से निकल जाते हैं। इससे दिमाग को आराम मिलता है। इसके लिए किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में शामिल होकर अथवा तेज चलकर भी पसीना बहाया जा सकता है। ऐसा करने से पूरे दिन तरफ ताजा महसूस होगा। सुबह अच्छा एवं भारी नाश्ता जरूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए डॉ. शैली ने कहा कि इसके लिए नाश्ते में बहुत सारा प्रोटीन और फैट होना चाहिए। यही नहीं, दिनभर एक नियमित अंतराल पर कुछ न कुछ ना कुछ जरूर खाते रहना चाहिए। लंबे समय तक भूखे न रहें, तंबाकू और शराब के सेवन से बचें, नशीले पदार्थ केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं बल्कि शरीर में शुगर के स्तर और नींद के चक्र को भी प्रभावित करते हैं।किसी भी तरह की कोल्ड ड्रिंक अथवा कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूर रहें। उनके स्थान पर ताजा जूस, फल और सब्जी और स्प्राट्स का सेवन करें।शरीर को विटामिन डी की जरूरत के चलते यह जरूरी है कि सूर्य की किरणों का सेवन सुबह 9 से 11 के बीच में किया जाए। प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे के लिए ड्राई फ्रूट जरूर खाएं; क्योंकि इनमें फैट ज्यादा होता है। फिर भी यह पोषण स्वास्थ्य भरपूर होता है।इनमें मैग्नीशियम,विटामिन ए, फाइबर,और कई तरह के पोषक तत्व होते हैं । डॉ.ममगाईं ने जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह के प्रोसेस्ड जंक फूड का उपयोग कम से कम करें क्योंकि प्रोसेस्ड जंक फूड में बहुत कम फाइबर,प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं; जबकि इनमें ऐसे तत्वों की भरमार होती है जो आपको बीमार कर सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ.सिमरन कौर, डॉ सुनिधि शर्मा, डॉ.समृद्धि शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुव अंकुर, शिवा शर्मा, वैष्णवी ध्यानी, सुनील अत्री, विनोद शर्मा, रोगी और उनके अभिभावक उपस्थित थे।
