चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के डर से चारों कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, जयप्रकाश जेपी, सतपाल ब्रह्मचारी और वरुण चौधरी काफी सजग रहे। इन चारों सांसदों को कांग्रेस विधायकों से तालमेल बनाते और उन पर निगाह रखते हुए देखा गया।
सांसदों ने एक-एक विधायक को मतदान केंद्र पहुंचाया और वोट डालने के बाद कांग्रेस के चीफ व्हिप आफताब अहमद उन्हें वापस लॉबी तक छोड़ने पहुंचे। सभी कांग्रेस विधायक दोपहर करीब डेढ़ बजे तक अपने वोट पोल कर चुके थे, जिसके बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधानसभा से बाहर निकले। उनके चेहरे पर आक्रोश नजर आ रहा था। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सभी विधायकों के समय से वोट पोल करने की घोषणा की। शाम को उन्होंने कहा कि भाजपा इस चुनाव में धांधली कर रही है।
हिमाचल से लौटकर पहले हुड्डा आवास पहुंची कांग्रेस विधायकों की बसें
हिमाचल प्रदेश के शिमला-कुफरी-कसौली में तीन दिन बिताने के बाद कांग्रेस विधायकों से भरी दोनों बसें सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पहले चंडीगढ़ में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर पहुंचीं। वहां विधायकों की गिनती की गई। उसके बाद बसें विधानसभा के लिए निकली। कांग्रेस के 37 विधायकों में से 31 हिमाचल प्रदेश में गए थे। जो छह विधायक हिमाचल नहीं गए थे, वे विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मोहम्मद इलियास, कुलदीप वत्स, चंद्रमोहन बिश्नोई, परमवीर सिंह और विनेश फोगाट हैं।
चंद्रमोहन और इलियास को अपने साथ लाए हुड्डा, दीपेंद्र की गाड़ी में बैठकर पहुंचे वत्स
राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी गाड़ी में पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई और मोहम्मद इलियास को बैठाकर लाए, जबकि सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की गाड़ी में बादली के विधायक कुलदीप वत्स और बाद में विनेश फौगाट आए। चंद्रमोहन कांग्रेस विधायकों के साथ शिमला-कसौली नहीं गए थे। उन्होंने कमर दर्द होने की बात कही थी। बिश्नोई कुमारी सैलजा गुट से माने जाते हैं। कुलदीप वत्स भी कांग्रेस विधायकों के साथ हिमाचल नहीं गए थे। उनके दो भतीजों की शादी के बाद 15 मार्च को झज्जर में रिसेप्शन पार्टी थी, जिसमें सीएम नायब सैनी और हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू शामिल हुए थे।
भाजपा पर्यवेक्षक का आरोप, कांग्रेस सह प्रभारी का जवाब
हरियाणा भाजपा के चुनाव पर्यवेक्षक एवं गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गलत परंपरा है। कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ ठीक नहीं किया। कांग्रेस के सह प्रभारी प्रफुल्ल पटेल ने भाजपा पर्यवेक्षक के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा का काम ही वोट चोरी करने का है। इस बार भी कोशिश की गई।
