9 करोड़ 64 लाख 5 हजार 276 रुपए का मुआवजा देने के आदेश किए पारित, मैट्रिमोनियल झगडों के निपटाए 74 मामले
कुरुक्षेत्र, 14 मार्च।
   जिला कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अध्यक्षता में किया गया। इस लोक अदालत में रखे गए 19911 मामलों में से 16785 मामलों का मौके पर निपटारा किया गया। इन मामलों में 9 करोड़ 64 लाख 5 हजार 276 रुपए का मुआवजा देने के आदेश पारित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करने के उद्देश्य से जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल, विवेक सिंगल, प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट कुरुक्षेत्र,अरविंद कुमार, एडिशनल सैशन जज, कुरुक्षेत्र, डॉ मोहिनी, सीजेएम, गिरराज सिंह, सिविल जज,स्मृति, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, फर्स्ट क्लास, भारत, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, पिहोवा,पल्लवी ओझा, सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, शाहबाद, डॉ मोहिनी, माननीय सीजेएम, गिरराज सिंह, माननीय सिविल जज, स्मृति, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कुरुक्षेत्र आदि शामिल है, बैंच गठित किए गए है। इसके अलावा ट्रैफिक चालान के मामले इन कोर्ट द्वारा निपटाए गए और चैक बाउंस के मामले  गिरराज सिंह, सिविल जज(जुनियर डिवीजन) द्वारा निपटाए गए है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 16785 मामलों का निपटारा किया गया।
उन्होंने कहा कि इन बैंचों के पास प्री-लिटिगेशन के 15318 मामलों में से 14970 का निपटारा किया गया और इन केसों में 2 करोड़  39 लाख 53 हजार 10 रुपए की सेटलमेंट के आदेश पारित हुए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में ही शामिल राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 61 केसों में से 61 केसों का मौके पर निपटारा किया गया और 21 लाख 66 हजार 260 राशि की सेटलमेंट के आदेश पारित किए गए। इसी तरह कुल मामलों में शामिल क्रिमिनल कम्पाउंडेशन के 87 केसों में से 71 केसों का मौके पर ही निपटारा किया गया तथा 45 हजार 800 राशि के सेटलमेंट के आदेश पारित किए गए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मामलों में शामिल एमएसीटी के 209 केसों में से 39 केसों का निपटान किया गया और 4 करोड़  62 लाख के सेटलमेंट, एनआई एक्ट के 1348 केसों में से 105 केसों का निपटारा किया गया और 3 लाख 10 हजार रुपए के सेटलमेंट के आदेश पारित किए गए, अन्य सिविल केसों में 628 में से 124 मामलों का निपटारा किया गया और 1 करोड़ 89 लाख 63 हजार 420 रुपए के मुआवजे के आदेश पारित किए गए।  इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 19911 मामलों में से 16785 मामलों का मौके पर निपटारा किया गया। इन मामलों में 9 करोड़ 64 लाख 5 हजार 276 रूपए के मुआवजा देने के आदेश पारित किए गए। इसके अलावा  इन मामलों में रिवन्यू के रखे गए सभी 3123 केसों का मौके पर ही निपटारा किया गया और बिजली के 374, भूमि के 2 मामलों का निपटारा किया गया।
फैमिली कोर्ट से 74 परिवारों को मिली बड़ी राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत फैमिली कोर्ट में 74 परिवारों को राहत मिली है। इस लोक अदालत के माध्यम से माता पिता को बेटे से मिलने का समय दिलवाया गया और कई परिवारों के आपसी सहयोग के साथ केसों का निपटारा भी किया गया। अहम पहलू यह है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने स्वयं विभिन्न परिजनों को समझाया और दोनों परिवारों की रजामंदी के साथ मामलों का भी समाधान करवाया। इस फैमिली कोर्ट में राहत पाने वाले पाला राम, अंजू और कुरुक्षेत्र निवासी मीणा व हरविन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों से चल रहे पारिवारिक झगडे का इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटारा हुआ है। इस फैमिली कोर्ट के प्रिंसीपल जज विवेक सिंगल ने सभी मामलों में दोनों पक्षों का आपस में बैठकर समझाया और मामले का निपटारा भी करवाया।

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