करनाल, 2 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में कृषि क्षेत्र को बढावा देने के लिए विशेषकर करनाल जिला के किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात दी। करनाल जिला के लिए बजट में आकर्षित बिंदु इस प्रकार से हैं। बजट में गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के अंतर्गत किसानों को 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण अपनाने के लिए किसानों को दी जा रही 3,000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 5,000 प्रति एकड़ किया जाएगा। प्रदेश की हर सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगर केन हार्वेस्टर उपलब्ध करवाएगी ताकि श्रम लागत में कमी आए। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से 2,000 एकड़ के एक क्लस्टर में आधुनिकतम तकनीकों द्वारा स्मार्ट एग्रीकल्चर नाम से एक नई योजना द्वारा प्राकृतिक खेती शुरू करने का प्रावधान किया है। इसमें यदि किसानों को किसी प्रकार का भी नुकसान होगा तो उसकी भरपाई हरियाणा सरकार द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में स्मार्ट बागवानी तकनीकों जैसे संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाऊस, वर्टिकल फार्मिंग व ई-पेस्ट के अंतर्गत कुल 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाने का भी प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से फलों की फसल खराब होने पर मिलने वाले मुआवजे को 40,000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर 50,000 प्रति एकड़ तथा सब्जियों व मसालों के लिए मिलने वाले मुआवजे को 30,000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40,000 प्रति एकड़ करने का भी प्रावधान किया है। घरौंडा व सिरसा में स्थापित कीटनाशक अवशेष परीक्षण प्रयोगशालाओं में फलों और सब्जियों के सैंपल्स की वार्षिक परीक्षण क्षमता क्रमशः: 3,000 सैंपल से बढ़ाकर 5,000 सैंपल प्रतिवर्ष करने तथा इनमें नेमाटोड परीक्षण प्रयोगशालाओं को स्थापित किया जाएगा। मधुमक्खी पालन को प्राकृतिक आपदाओं से जोखिम मुक्त करने के लिए वर्ष 2026-27 में इस व्यवसाय को भी मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में लाने का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत करनाल में 50 करोड़ की लागत से नवीन मछली प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का प्रावधान है।
बजट में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस योजना के तहत अब तक कुल 2,38,954 नि:शुल्क डायलिसिस सत्र 22 सरकारी संस्थानों में आयोजित हो चुके है। इन सत्रों पर 46.4 करोड़ का व्यय हुआ है। कुल 18 स्थानों नामत: महर्षि च्यवन चिकित्सा महाविद्यालय, कोरियावास, श्री अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय छांयसा, जिला अस्पताल हांसी, उपमंडल अस्पताल नारायणगढ, लाड़वा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध, गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेन्द्रगढ़ व कनीना में नए डायलिसिस केंद्र स्थापित करने का प्रावधान रखा गया है। गांवों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से पहुँचाने के लिए यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़ और करनाल में 25 नए आयुष औषधालय खोले जाएंगे। जिला अस्पताल यमुनानगर और हिसार, बहादुरगढ़ और सोनीपत के उपमंडल अस्पतालों तथा करनाल और भिवानी के मेडिकल कॉलेजों में 6 नए कैथ लैब स्थापित किए जाएंगे।
बजट में निरोगी हरियाणा योजना के तहत आय मानदंड की परवाह किए बिना प्रदेश के 70 वर्ष से बड़े सभी नागरिकों को उन्हें नि:शुल्क रक्त जांच सुविधा दी जाएगी, 50 करोड़ की लागत से करनाल, हिसार, रोहतक, गुरूग्राम व पलवल में पाँच नए युवा छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में राज्य के 13 जिलों नामत: अम्बाला, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरूक्षेत्र, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर में धान की पराली पर आधारित 9.9 से 25 मैगावाट तक की क्षमता की कुल 200 मेगावाट की बायोमास बिजली परियोजनाएं स्थापित की जाएगी। बजट 2026-27 में लोक निर्माण विभाग के लिए मुख्य प्रस्ताव के तहत 170 करोड़ की लागत से करनाल, जींद, डबवाली, लाडवा, लोहारू और उनीड्डा (अटेली) में नए विश्राम गृह बनाए जाएंगे तथा कुरुक्षेत्र में एक बड़े स्तर का नया विश्राम गृह बनाया जाएगा। प्रदेश में भारत सरकार द्वारा नमो भारत आरआरटीएस के अंतर्गत दिल्ली-बावल तथा दिल्ली-करनाल के दो कॉरिडोर स्वीकृत किए गए हैं, 93 किलोमीटर लम्बे दिल्ली-बावल कॉरिडोर की लागत 32,327 करोड और 136 किलोमीटर लम्बे दिल्ली करनाल कॉरिडोर की लागत 33,051 करोड़ होगी। खनन एवं भू-विज्ञान विभाग द्वारा प्रदेश के 7 जिलों में 42 खदानों में खनन कार्य किया जा रहा है, जिनसे वर्ष 2025-26 में अब तक 953 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई है। वर्ष 2026-27 में पंचकूला, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, पलवल, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत व अम्बाला जिलों में 24 नई खदानें शुरू कर अतिरिक्त 600 करोड़ की राशि का लक्ष्य निर्धारित किया है।
