बाबैन में पहुंची पूर्व सांसद बृजेंद्र की सद्भाव यात्रा
बाबैन, 25 फरवरी राकेश शर्मा
कांग्रेस पार्टी की ओर से चल रही सद्भाव यात्रा बुधवार को पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 144वें दिन में बाबैन पहुंची। बाबैन में भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा बाबैन से होते हुए गांव रामशरण माजरा, घिसरपडी, संघोर, महुआखेडी, भूखड़ी, झड़ौला, गुढ़ा  में पहुंची। जहां कार्यकर्ताओं ने अपने अपने गांवों में यात्रा का फुलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील से भारतीय कृषि क्षेत्र विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया जाएगा। अमेरिकी किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान पहले ही लागत व बाजार की मार झेल रहे हैं। यदि आयात पर टैक्स व अन्य प्रतिबंध हटाए गए तो देश के किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही, जिससे किसानों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सरकार पर डिवाइड एंड रूल की राजनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाज में जाति व धर्म के आधार पर विभाजन की कोशिशें लगातार हो रही हैं। उन्होंने  घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक ताना-बाना कमजोर किया गया। वहीं अग्निवीर योजना, अमेरिका से जुड़ी नीतियों, बड़े उद्योगपतियों से संबंधित मामलों को जोड़ते है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा किसी चुनावी लाभ के लिए नहीं, बल्कि संगठन और विचारधारा की मजबूती के लिए निकाली गई है। यह लड़ाई लंबी है, जिसे सडक़ से लेकर संसद तक लडऩा होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है और पिछले वर्षों से निष्क्रिय पड़े कई पुराने कार्यकर्ता फिर से मुख्यधारा की राजनीति से जुड़ रहे हैं, जिससे पार्टी को संगठनात्मक लाभ मिलेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री विरेंद्र सिंह ने कहां की बृजेंद्र सिंह के द्वारा निकाली गई सद्भाव यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के आपसी भाईचारे को जोडऩा है ताकि प्रदेश को जात-पात धर्म मजहब में न बांटा जा सके उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेंशन योजनाओं और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की यूनिवर्सिटीज को ग्रांट के बजाय लोन देकर कर्ज के बोझ तले डाला जा रहा है, जिससे फीस बढऩे व शिक्षा के निजीकरण का खतरा बढ़ेगा। बुढ़ापा पेंशन में कटौती और दस्तावेजी जटिलताओं को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए गए। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने प्रदेश में बढ़ते संगठित अपराध का जिक्र किया और कहा कि हालात चिंताजनक हैं। कुल मिलाकर उन्होंने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए तीखी आलोचना की । इस मौके पर मामचंद प्रजापत, धर्मपाल, जसमेर सुनारियां, पूर्व सरपंच मोतीलाल सैनी, जसवंत धीमान, प्रदीप प्रजापत, गुरदयाल चौहान, श्यामलाल रामपुरा, अश्वनी बाबैन, मामचंद बाबैन, राजकुमार, बलबीर सिंह, बूटा सिंह व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *