अम्बाला/बराड़ा, 19 फरवरी। उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को आयोजित किया जा रहा समाधान शिविर आमजन के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं और मौके पर ही उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासन का भी पूरा प्रयास रहता है कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता और तत्परता से निपटारा किया जाए।
वीरवार को बराड़ा के लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता अम्बाला के अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने की। उन्होंने शिविर में पहुंचे लोगों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतें मार्क करते हुए निर्देश दिए कि सभी मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति समाधान शिविर के अतिरिक्त उनके कार्यालय में अपनी समस्या लेकर आता है तो उसकी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और नियमानुसार उसका समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
उपमंडल स्तर पर आयोजित शिविर में बाजीगर बस्ती अधोया (एम) के निवासियों ने गंदे पानी की निकासी की समस्या को लेकर समस्या रखी। इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत विभाग तथा पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने, आवश्यक कार्रवाई करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम कार्यालय व उनके कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बराड़ा निवासी संदीप कुमार ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान निर्माण संबधी समस्या प्रस्तुत की। वहीं, घेलडी निवासी अशोक कुमार ने श्री मारकंडा नदी में आई बाढ़ के कारण उनकी लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि में ट्यूबवेल, होदी, मकान और पाइपलाइन बह जाने पर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। अतिरिक्त उपायुक्त ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त शिविर में परिवार पहचान पत्र से संबंधित 08 शिकायतें, राशन कार्ड से जुड़ी 03 शिकायतें, बुढ़ापा पेंशन की 04 और विधवा पेंशन की 01 शिकायत प्राप्त हुई। अन्य प्रार्थियों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं लिखित प्रार्थना पत्र के माध्यम से अतिरिक्त उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत कीं। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समाधान शिविर प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इससे न केवल लोगों को राहत मिलती है, बल्कि विभागों की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
इस अवसर पर एसडीएम बराड़ा सतीन्द्र सिवाच, नायब तहसीलदार बराड़ा आलमगीर, नायब तहसीलदार मुलाना सतविंदर, पशुपालन विभाग के एसडीओ सतीन्दर पाल सिंह, बीईओ जगदीश मेहरा, बिजली निगम के एसडीओ ईश्वर सिंह, एएफएसओ राजिंदर कुमार, सीडीपीओ किरण बाला, पंचायती राज विभाग के एसडीओ नवरोज सिंह, पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ सुभाष चंद्र, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई तेजस, एसएमओ मुलाना डॉ. कुलदीप सिंह, एएसआई रणवीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
