हरियाणा के राज्यपाल व कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष से की कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिष्टाचार भेंट
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने हरियाणा के माननीय राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अपनी हाल ही में सम्पन्न जापान यात्रा के संबंध में माननीय राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय, ओसाका विश्वविद्यालय, क्योटो विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्थित हैं तथा भविष्य में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में आपसी सहयोग और शैक्षणिक आदान-प्रदान की व्यापक संभावनाएं हैं। वहीं भेंट के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आगामी 1-2 महीनों में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह तथा संभावित मुख्य अतिथि के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान, विज्ञान, खेल सहित सांस्कृतिक क्षेत्रों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति पर हर्ष व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन विश्वविद्यालय को निरंतर प्राप्त होता रहेगा। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को और अधिक उत्कृष्ट बनाने की दिशा में सतत प्रयास करने का आह्वान भी किया।
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने हरियाणा के माननीय राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अपनी हाल ही में सम्पन्न जापान यात्रा के संबंध में माननीय राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय, ओसाका विश्वविद्यालय, क्योटो विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्थित हैं तथा भविष्य में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में आपसी सहयोग और शैक्षणिक आदान-प्रदान की व्यापक संभावनाएं हैं। वहीं भेंट के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आगामी 1-2 महीनों में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह तथा संभावित मुख्य अतिथि के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान, विज्ञान, खेल सहित सांस्कृतिक क्षेत्रों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति पर हर्ष व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन विश्वविद्यालय को निरंतर प्राप्त होता रहेगा। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को और अधिक उत्कृष्ट बनाने की दिशा में सतत प्रयास करने का आह्वान भी किया।
युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पाठशाला है एनसीसीः प्रो. वीरेन्द्र पाल
कुवि आईआईएचएस में 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर हरप्रीत सिंह ने किया दौरा
एनसीसी कैडेट्स को एसएसबी और सीडीएस की तैयारी का दिया मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यसनय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ (आईआईएचएस) की एनसीसी इकाई में 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हरप्रीत सिंह का प्रेरणादायक दौरा संपन्न हुआ। उनके आगमन से एनसीसी कैडेट्स में उत्साह, गर्व और नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कर्नल हरप्रीत सिंह, प्राचार्य प्रो. रीटा, एएनओ एनसीसी एवं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट वीरेंद्र पाल तथा सीटीओ एनसीसी डॉ. कविता रानी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
दौरे के दौरान कर्नल हरप्रीत सिंह ने कैडेट्स के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया। उन्होंने कैडेट्स को निरंतर परिश्रम, लक्ष्य के प्रति समर्पण तथा उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में करियर बनाने का सपना दृढ़ संकल्प और सतत अभ्यास से अवश्य पूरा किया जा सकता है। कमांडिंग ऑफिसर ने कैडेट्स को एएसबी और सीडीएस की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उनका संबोधन कैडेट्स के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।
लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए अतिथि का अभिनंदन किया और संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि एनसीसी केवल एक सह-पाठयक्रम गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पाठशाला है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, नेतृत्व, समय प्रबंधन और राष्ट्र सेवा की भावना को आत्मसात करते हैं, जो उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होती है।
इस अवसर पर कैडेट्स का सम्मान भी किया गया। कैडेट तमन्ना और कैडेट अवंतिका को आर्मी डे पर उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि कैडेट सुनैना को टीएससी कैंप में चयन एवं सहभागिता के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान किया गया। अपने विज़िटर रजिस्टर संदेश में कर्नल हरप्रीत सिंह ने संस्थान के एएनओ, सीटीओ एवं कैडेट्स की उच्च प्रेरणा, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा परिसर में पौधारोपण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
कुवि आईआईएचएस में 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर हरप्रीत सिंह ने किया दौरा
एनसीसी कैडेट्स को एसएसबी और सीडीएस की तैयारी का दिया मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यसनय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ (आईआईएचएस) की एनसीसी इकाई में 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हरप्रीत सिंह का प्रेरणादायक दौरा संपन्न हुआ। उनके आगमन से एनसीसी कैडेट्स में उत्साह, गर्व और नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कर्नल हरप्रीत सिंह, प्राचार्य प्रो. रीटा, एएनओ एनसीसी एवं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट वीरेंद्र पाल तथा सीटीओ एनसीसी डॉ. कविता रानी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
दौरे के दौरान कर्नल हरप्रीत सिंह ने कैडेट्स के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया। उन्होंने कैडेट्स को निरंतर परिश्रम, लक्ष्य के प्रति समर्पण तथा उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में करियर बनाने का सपना दृढ़ संकल्प और सतत अभ्यास से अवश्य पूरा किया जा सकता है। कमांडिंग ऑफिसर ने कैडेट्स को एएसबी और सीडीएस की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उनका संबोधन कैडेट्स के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।
लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए अतिथि का अभिनंदन किया और संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि एनसीसी केवल एक सह-पाठयक्रम गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पाठशाला है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, नेतृत्व, समय प्रबंधन और राष्ट्र सेवा की भावना को आत्मसात करते हैं, जो उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होती है।
इस अवसर पर कैडेट्स का सम्मान भी किया गया। कैडेट तमन्ना और कैडेट अवंतिका को आर्मी डे पर उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि कैडेट सुनैना को टीएससी कैंप में चयन एवं सहभागिता के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान किया गया। अपने विज़िटर रजिस्टर संदेश में कर्नल हरप्रीत सिंह ने संस्थान के एएनओ, सीटीओ एवं कैडेट्स की उच्च प्रेरणा, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा परिसर में पौधारोपण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
समकालीन कला अभ्यास शिक्षण कार्यशाला का चौथा दिन, कलाकार केके गांधी ने साझा किए अनुभव
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला “समकालीन कला अभ्यास शिक्षण में” के चौथे दिन प्रसिद्ध कलाकार कमलेश कुमार गांधी (केके गांधी) को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया। यह कार्यशाला रूसा प्रोजेक्ट सोसाइटी के तहत सतत शिक्षा केंद्र के सहयोग से आयोजित हो रही है।
विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक कला के साथ बाजार उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करता है। छात्र चित्रकला, मिश्रित माध्यम और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से रचनात्मक प्रयोग कर रहे हैं तथा पेशेवर पोर्टफोलियो और गैलरी प्रस्ताव तैयार करना सीख रहे हैं।
जम्मू के फ्रीलांस कलाकार कमलेश कुमार गांधी ने विभिन्न चित्र शैलियों पर प्रशिक्षण देते हुए प्रकृति अध्ययन का डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने कला में उद्यमिता, ब्रांडिंग और नेटवर्किंग के महत्व पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों ने उनके डेमो को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। क्योंकि इसने मिश्रित माध्यम कला के लिए ठंडे, ताजा विचारों को प्रज्वलित किया। इसमें गहन चर्चाएं, कला प्रदर्शनियां और प्रदर्शनियों एवं बिक्री के लिए मूल्यवान नेटवर्किंग होगी। कुल मिलाकर, कार्यशाला प्रतिभागियों को भारत और विदेश में शो, द्विवर्षिकाओं और बिक्री के अवसरों के लिए मजबूत पोर्टफोलियो बनाने में मदद करेगी।
कार्यशाला में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कला अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक कला के साथ बाजार उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करता है। छात्र चित्रकला, मिश्रित माध्यम और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से रचनात्मक प्रयोग कर रहे हैं तथा पेशेवर पोर्टफोलियो और गैलरी प्रस्ताव तैयार करना सीख रहे हैं।
जम्मू के फ्रीलांस कलाकार कमलेश कुमार गांधी ने विभिन्न चित्र शैलियों पर प्रशिक्षण देते हुए प्रकृति अध्ययन का डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने कला में उद्यमिता, ब्रांडिंग और नेटवर्किंग के महत्व पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों ने उनके डेमो को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। क्योंकि इसने मिश्रित माध्यम कला के लिए ठंडे, ताजा विचारों को प्रज्वलित किया। इसमें गहन चर्चाएं, कला प्रदर्शनियां और प्रदर्शनियों एवं बिक्री के लिए मूल्यवान नेटवर्किंग होगी। कुल मिलाकर, कार्यशाला प्रतिभागियों को भारत और विदेश में शो, द्विवर्षिकाओं और बिक्री के अवसरों के लिए मजबूत पोर्टफोलियो बनाने में मदद करेगी।
कार्यशाला में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कला अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
जैविक खेती स्वस्थ जीवनशैली और सतत विकास की आवश्यकताः प्रो. रीटा
कुवि के आई.आई.एच.एस. में दो दिवसीय ऑर्गेनिक खेती कार्यक्रम, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आई.आई.एच.एस.) द्वारा ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 18 से 19 फरवरी तक किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैविक खेती के क्षेत्र में उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन बॉटनी विभाग द्वारा डॉ. अनिल गुप्ता (विभागाध्यक्ष) एवं डॉ. शिवानी वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा ने वोकेशनल कोर्स (ऑर्गेनिक खेती) के तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जैविक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और सतत विकास की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में नवाचार और स्वरोजगार की संभावनाओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया।
ऑर्गेनिक खेती की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए डॉ. शिवानी वर्मा के निर्देशन में सरसों, पालक, मेथी, मूली, गाजर, चुकंदर, सलाद पत्ता (लेट्यूस), फ्रांस बींस, ब्रोकली, पत्तागोभी, चना, लहसुन, धनिया, शलजम एवं फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन बिना किसी रासायनिक उर्वरक के किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि फसलों की उर्वरता एवं सुरक्षा के लिए वर्मी कम्पोस्ट, नीम खली और बोनमील का प्रयोग किया गया, जबकि कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए नीम के अर्क का उपयोग किया गया। जैविक पद्धति से तैयार उत्पाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, बल्कि रसायन रहित एवं स्वास्थ्यवर्धक भी होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी हासिल की। इस अवसर पर प्रो. अनीता दुआ, प्रो. अमृत, प्रो. अश्विनी मित्तल, डॉ. कुलविंदर, डॉ. संजीव गौतम, डॉ. वीर विकास, डॉ. रीतू सैनी, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. विशाल अवस्थी, डॉ. कविता, संजीत बूरा सहित गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक साबित हुआ तथा विश्वविद्यालय परिसर में जैविक खेती के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में सहायक रहा।
कुवि के आई.आई.एच.एस. में दो दिवसीय ऑर्गेनिक खेती कार्यक्रम, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आई.आई.एच.एस.) द्वारा ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 18 से 19 फरवरी तक किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैविक खेती के क्षेत्र में उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन बॉटनी विभाग द्वारा डॉ. अनिल गुप्ता (विभागाध्यक्ष) एवं डॉ. शिवानी वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा ने वोकेशनल कोर्स (ऑर्गेनिक खेती) के तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जैविक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और सतत विकास की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में नवाचार और स्वरोजगार की संभावनाओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया।
ऑर्गेनिक खेती की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए डॉ. शिवानी वर्मा के निर्देशन में सरसों, पालक, मेथी, मूली, गाजर, चुकंदर, सलाद पत्ता (लेट्यूस), फ्रांस बींस, ब्रोकली, पत्तागोभी, चना, लहसुन, धनिया, शलजम एवं फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन बिना किसी रासायनिक उर्वरक के किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि फसलों की उर्वरता एवं सुरक्षा के लिए वर्मी कम्पोस्ट, नीम खली और बोनमील का प्रयोग किया गया, जबकि कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए नीम के अर्क का उपयोग किया गया। जैविक पद्धति से तैयार उत्पाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, बल्कि रसायन रहित एवं स्वास्थ्यवर्धक भी होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी हासिल की। इस अवसर पर प्रो. अनीता दुआ, प्रो. अमृत, प्रो. अश्विनी मित्तल, डॉ. कुलविंदर, डॉ. संजीव गौतम, डॉ. वीर विकास, डॉ. रीतू सैनी, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. विशाल अवस्थी, डॉ. कविता, संजीत बूरा सहित गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक साबित हुआ तथा विश्वविद्यालय परिसर में जैविक खेती के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में सहायक रहा।
संगीत नाटक अकादमी एवं जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा ‘कला समीक्षा कार्यशाला’ आज
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था) एवं जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 20 फरवरी 2026 को ‘कला समीक्षा कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के मिनी ऑडिटोरियम में संपन्न होगा। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला तथा श्रीगुलजारी लाल नंदा केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
वहीं कार्यशाला में विख्यात राष्ट्रीय कलाकार श्री विजय शंकर मिश्र (दिल्ली), डॉ. राजेश कुमार व्यास (जयपुर), डॉ. गौरी शंकर रेणा (दिल्ली) तथा श्री आलोक पराड़कर (लखनऊ) बतौर विशिष्ट अतिथि सहभागिता करेंगे तथा कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी देंगे। कार्यक्रम में श्री राजू दास, सचिव, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली तथा प्रो. महा सिंह पूनिया, निदेशक, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के विभिन्न आयामों की समीक्षात्मक समझ विकसित करना, कला अभिव्यक्ति की समकालीन प्रवृत्तियों पर संवाद स्थापित करना तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को कला समालोचना की बारीकियों से अवगत कराना है। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम कला, मीडिया और संस्कृति के क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
संस्थान की ओर से सभी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं कला प्रेमियों को इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सहभागिता के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था) एवं जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 20 फरवरी 2026 को ‘कला समीक्षा कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के मिनी ऑडिटोरियम में संपन्न होगा। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला तथा श्रीगुलजारी लाल नंदा केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
वहीं कार्यशाला में विख्यात राष्ट्रीय कलाकार श्री विजय शंकर मिश्र (दिल्ली), डॉ. राजेश कुमार व्यास (जयपुर), डॉ. गौरी शंकर रेणा (दिल्ली) तथा श्री आलोक पराड़कर (लखनऊ) बतौर विशिष्ट अतिथि सहभागिता करेंगे तथा कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी देंगे। कार्यक्रम में श्री राजू दास, सचिव, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली तथा प्रो. महा सिंह पूनिया, निदेशक, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के विभिन्न आयामों की समीक्षात्मक समझ विकसित करना, कला अभिव्यक्ति की समकालीन प्रवृत्तियों पर संवाद स्थापित करना तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को कला समालोचना की बारीकियों से अवगत कराना है। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम कला, मीडिया और संस्कृति के क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
संस्थान की ओर से सभी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं कला प्रेमियों को इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सहभागिता के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
एनसेट परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। एनईपी – 2020 एक रोजगार परक शिक्षा प्रणाली है। इस प्रणाली के अंर्तगत शिक्षण के क्षेत्र को ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ जोड़ कर 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड़ टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आईटीईपी के अंर्तगत बीए बीएड, बीएससी बीएड़ एवम् बीकॉम बीएड़ में 150 सीटें उपलब्ध हैं । इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा के बाद एनटीए द्वारा आयोजित एनसीईटी की परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। इस परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी एनटीए की exams.nta.nic.in/ncet/ पर आवेदन कर सकते हैं। 2026-27 सत्र के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 हैं। एनसीईटी की परीक्षा 17 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी । एनसीईटी की परीक्षा में प्रश्न एमसीक्यू आधारित होते हैं। इस परीक्षा में विद्यार्थी को 4 सेक्शन में 160 प्रश्नों का उत्तर देना होता हैं। सेक्शन 1 में 2 भाषाओं में 20-20 प्रश्न हल करने हैं। सेक्शन 2 में किन्हीं 3 विषयों में 25-25-25 प्रश्न हल करने होंगे । सेक्शन 3 में जनरल नॉलेज के 25 एवम् सेक्शन 4 में टीचिंग एपटीटयूट के 20 प्रश्नों के उत्तर देनें होगें। अतः इच्छुक अभ्यर्थी 2 भाषाओं और 3 विषयों में परीक्षा देगें। इस परीक्षा में प्राप्त अंक ही प्रवेश का आधार मानें जाते हैं। यह एक शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ा कार्यकम है जिस में विद्यार्थी शिक्षक पात्रता के साथ शिक्षण में कैरियर का एक वर्ष भी बचा सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थियों को 10 मार्च से पहले आवेदन करना है एवम् अधिक जानकारी nta.ac.in की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी। एनईपी – 2020 एक रोजगार परक शिक्षा प्रणाली है। इस प्रणाली के अंर्तगत शिक्षण के क्षेत्र को ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ जोड़ कर 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड़ टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आईटीईपी के अंर्तगत बीए बीएड, बीएससी बीएड़ एवम् बीकॉम बीएड़ में 150 सीटें उपलब्ध हैं । इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा के बाद एनटीए द्वारा आयोजित एनसीईटी की परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। इस परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी एनटीए की exams.nta.nic.in/ncet/ पर आवेदन कर सकते हैं। 2026-27 सत्र के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 हैं। एनसीईटी की परीक्षा 17 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी । एनसीईटी की परीक्षा में प्रश्न एमसीक्यू आधारित होते हैं। इस परीक्षा में विद्यार्थी को 4 सेक्शन में 160 प्रश्नों का उत्तर देना होता हैं। सेक्शन 1 में 2 भाषाओं में 20-20 प्रश्न हल करने हैं। सेक्शन 2 में किन्हीं 3 विषयों में 25-25-25 प्रश्न हल करने होंगे । सेक्शन 3 में जनरल नॉलेज के 25 एवम् सेक्शन 4 में टीचिंग एपटीटयूट के 20 प्रश्नों के उत्तर देनें होगें। अतः इच्छुक अभ्यर्थी 2 भाषाओं और 3 विषयों में परीक्षा देगें। इस परीक्षा में प्राप्त अंक ही प्रवेश का आधार मानें जाते हैं। यह एक शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ा कार्यकम है जिस में विद्यार्थी शिक्षक पात्रता के साथ शिक्षण में कैरियर का एक वर्ष भी बचा सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थियों को 10 मार्च से पहले आवेदन करना है एवम् अधिक जानकारी nta.ac.in की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
