करनाल, 4 फरवरी। हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि हरियाणा पंचायत गौरव पुरस्कार 2026 केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि हरियाणा के गांवों की शक्ति, नेतृत्व क्षमता और विकास की सोच का उत्सव है। आज ऐसे ग्राम पंचायत, जिन्होंने जमीनी स्तर पर निस्वार्थ भाव से बेहतरीन कार्य किया है। ऐसा कार्य करने वाले हमारे असली नायकों व सरपंचों को सम्मान देने की यह प्रेरणादायक पहल है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा भी ऐसी ग्राम पंचायतों को भी गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित करके प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अधिकार और निर्णय लेने की शक्ति देना ही सच्चे लोकतंत्र की असली पहचान है। इसलिए हम गांवों का विकास केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और जनभागीदारी के माध्यम से हर गांव को आत्मनिर्भर, सक्षम और खुशहाल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। हम सब मिलकर संकल्प लें कि हर गांव स्वच्छ, शिक्षित, स्वस्थ, डिजिटल और आत्मनिर्भर बने, महिलाएं सशक्त हों, युवा सशक्त हों और हरियाणा का हर गांव विकास की नई मिसाल स्थापित करे। हम सब मिलकर विकसित हरियाणा विकसित भारत के सपने को साकार करें।
मंत्री कृष्ण पंवार बुधवार को एक निजी संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और जब गांव आगे बढ़ते हैं तभी प्रदेश और देश तरक्की करता है। ग्रामीण विकास से ही विकसित भारत-विकसित हरियाणा का सपना साकार होगा। आज हरियाणा की ग्राम पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयां नहीं रहीं बल्कि वे विकास, पारदर्शिता और नवाचार की मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने गांवों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी का परिणाम है कि हमारी सरकार ने पंचायतों को अपने स्तर पर 21 लाख रुपये की राशि फ्री .हैंड देने का काम किया हैए ताकि सरपंच और पंचायतें बिना किसी बाधा के अपने गांव की जरूरत के अनुसार विकास कार्य कर सकें। यही कारण है कि आज प्रदेश की पंचायतें सशक्त होकर अपने निर्णय स्वयं ले रही हैं और अपने स्तर पर गांवों की प्रगति, विकास और खुशहाली की नई कहानी लिख रही हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के गांवों में पक्की सडक़ों का जाल बिछ रहा है, हर घर तक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव खुले में शौच मुक्त बन चुके हैं, पंचायत घरों का आधुनिकीकरण हुआ है और डिजिटल पंचायत व्यवस्था लागू कर सरकारी सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण आज हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आज का सबसे सुखद दृश्य यह है कि इस सम्मान समारोह में आधे से ज्यादा पुरस्कार महिला सरपंचों को मिल रहे हैं। यह केवल सम्मान या पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के उत्थान आत्मविश्वास और बदलते हुए हरियाणा की नई तस्वीर का प्रमाण है। आज हजारों महिलाएं सरपंच, पंच और ब्लॉक समिति सदस्य बनकर अपने गांवों की दिशा और दशा तय कर रही हैं। वर्ष 2014 से जब से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकता रहा है। हमारी सरकार ने महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने का काम किया है। यह बदलाव केवल संख्या का बदलाव नहीं है, बल्कि सोच और व्यवस्था का बदलाव है। पहले महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित समझी जाती थीं, लेकिन आज वही महिलाएं विकास की योजनाएं बना रही हैं, बजट तय कर रही हैं, फैसले ले रही हैं और गांवों का नेतृत्व कर रही हैं। नारी सम्मान, पंचायत सशक्त यही हमारा नारा है, आत्मनिर्भर गांवों से ही मजबूत देश हमारा है। हमारा इतिहास गवाह है कि भारत की नारी सदैव शक्ति, साहस और नेतृत्व का प्रतीक रही है। रानी लक्ष्मीबाई ने देश की आजादी के लिए तलवार उठाई, सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा की अलख जगाई, सरोजिनी नायडू ने स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और देश की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर बेटियों का मान बढ़ाया। आज हरियाणा की हर महिला उन्हीं महान परंपराओं को आगे बढ़ा रही है।
मंत्री पंवार ने कहा कि आज ई.गवर्नेस के माध्यम से प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों के जरि, माताएं.बहनें आत्मनिर्भर बन रही हैं। युवाओं के लिए खेल मैदान, व्यायामशालाएं और सामुदायिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। यह सब केवल सरकार की योजनाओं से संभव नहीं हुआ, बल्कि हमारे समर्पित सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों की मेहनत, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से संभव हो पाया है।
उन्होंने कहा कि सरपंच का पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि गांव के विश्वास और नेतृत्व का प्रतीक है। जब कोई सरपंच गांव की सफाई सुनिश्चित करता है, बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूलों को बेहतर बनाता है, पेयजल और सडक़ों की व्यवस्था करता है, महिलाओं को सशक्त बनाता है और युवाओं को आगे बढऩे के अवसर देता है, तब वह केवल विकास कार्य नहीं करता, बल्कि अपने गांव का भविष्य बनाता है। आज यहां जिन सरपंचों को सम्मानित किया जा रहा है, वे वास्तव में हरियाणा के विकास के रोल मॉडल हैं। उनका समर्पण, उनका संघर्ष और उनकी उपलब्धियां अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। हमारी सरकार का एक ही संकल्प है मजबूत पंचायत, समृद्ध गांव, विकसित हरियाणा और विकसित भारत का निर्माण। यह पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा से किया गया कार्य हमेशा पहचाना जाता है। यह मंच अनुभव साझा करने का भी अवसर है, जहां से सफल पंचायतों के मॉडल सामने आएंगे और अन्य गांव उनसे सीख लेकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। मुझे विश्वास है कि यह पहल हरियाणा की पंचायतों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देगी।
