कुरुक्षेत्र 21 जनवरी यदि दिव्यांगजनों को गांव स्तर पर ही आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएं, तो इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। यह विचार उपायुक्त एवं रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष विश्राम कुमार मीणा ने व्यक्त किए। उपायुक्त ने बताया कि हाल ही में सरस्वती मेले की बैठक के दौरान कुछ दिव्यांगजन बिना किसी सहायक उपकरण के एक स्थान से दूसरे स्थान तक रेंगते हुए जाते दिखाई दिए। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए रेड क्रॉस समिति के सचिव श्याम सुंदर एवं उनकी टीम द्वारा पिहोवा उपमंडल के गांवों और शहरों में दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया।
पंजीकरण के उपरांत दिव्यांगजनों की आवश्यकता और इच्छा के अनुसार उन्हें रेड क्रॉस भवन में हाथ से चलने वाली रिक्शा (ट्राईसाइकिल) उपलब्ध करवाई गई। इनमें एक दिव्यांग व्यक्ति अन्य राज्य का निवासी है, जो सरस्वती माता मंदिर के पास रहकर गुजर-बसर करता है। उसे एक पैर के सहारे घर से मंदिर तक आने-जाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब हाथ वाली रिक्शा मिलने से वह आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक आ-जा सकेगा। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी वरिष्ठ नागरिक या दिव्यांगजन, विशेषकर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाला व्यक्ति, सुविधाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से घर बैठे पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिन दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंगों की आवश्यकता है, उनके लिए रेडक्रॉस सोसाइटी में एक कार्यशाला संचालित की जा रही है, जो सप्ताह में पांच दिन कार्य करती है। यहां आधार कार्ड, मेडिकल प्रमाण पत्र और फैमिली आईडी के साथ आने वाले जरूरतमंदों को कृत्रिम हाथ या पैर नि:शुल्क और बिना देरी के उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आज पिहोवा से आए एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति को जब हाथ वाली रिक्शा प्रदान की गई, तो उन्होंने जिला प्रशासन और रेड क्रॉस समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस उपकरण से उन्हें नया जीवन मिला है। पहले जहां उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, अब वे ट्राईसाइकिल के माध्यम से बिना किसी कठिनाई के आवागमन कर सकेंगे।
