कुरुक्षेत्र, 24 दिसंबर। अतिरिक्त उपायुक्त विनय आर्य ने बताया की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा, पंचकूला द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 8050 सोलर वाटर पंप का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिनमें 3 एचपी से 10 एचपी तक की क्षमता वाले सोलर वाटर पम्प के लिए आवेदन प्राप्त किए जाएंगे ।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी प्रतीक्षा सूची में मौजूद पुराने सभी आवेदकों को सलाह दी जाती है कि यदि वे अपने मौजूदा सोलर पंप के प्रकार व क्षमता को बदलना चाहते है और नई उपलब्ध 12 श्रेणियों में से किसी सोलर पंप को लेना चाहते है तो वे उसी फैमिली आईडी का उपयोग करते हुए नया आवेदन करें तथा चयनित श्रेणी में नए सूचीबद्ध किये गए विक्रेताओं में से किसी एक विक्रेता का चयन करें। इन आवेदकों को उत्पन्न हुए चालान के अनुसार अपने लाभार्थी हिस्से को जमा करने की आवश्यकता नहीं है क्योकि विभाग के पास उनका लाभार्थी हिस्सा पहले से जमा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई आवेदक निर्धारित अवधि में नया आवेदन जमा नहीं करवाता है और किसी आबंटित रद्द किसान की जगह उसका आवंटन नहीं होता है तो उसके द्वारा जमा लाभार्थी हिस्सा वापिस कर दिया जाएगा। जिसकी सूचना विभाग की वेबसाइट (एचएआरईडीए.जीओवी.इन) पर भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इसके आवेदन के लिए किसान को सरलहरियाणा.जीओवी.इन बेबसाइट पर सरल पोर्टल की प्रक्रिया के अनुसार जाकर लॉग-इन करना है। इसके बाद किसान अपनी फैमिली आईडी डालकर मेंबर आईडी चुनने के बाद ओटीपी से सत्यापित करना है इसके बाद आवेदक को अपनी जरूरत अनुसार सोलर पंप की क्षमता का चयन करना है तथा अपने सोलर पंप को स्थापित करने के लिए अपनी पसंद अनुसार केवल एक कंपनी का चयन करना है। इसके उपरांत आपको एक चालान प्राप्त होगा। चालान में पम्प का लाभार्थी हिस्सा किसान को आरटीजीएस के माध्यम से चालान में दर्शाए गए वर्चुअल बैंक अकाउंट (जो मभी आवेदकों का अलग-अलग होगा) में ही बैंक से अपने खाते में नेट बैंकिंग में जमा करवानी होगी। अपने रिकॉर्ड के लिए लाभार्थी हिस्सा जमा करवाने का प्रमाण अपने साथ रखे।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केवल वही आवेदक / किसान पात्र होंगे जो सरकार द्वारा निर्धारित शर्ते को पूरा करेगा जैसे कि आवेदक के परिवार (परिवार पहचान पत्र) के नाम पर सोलर का कनेक्शन ना हो आवेदक के नाम बिजली आधारित पंप ना हो तथा उसके नाम पर जमीन हो। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार उन गाँव में जहाँ भूजल स्तर 100 फूट ने नीचे गला गया है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की स्थापना अनिवार्य है। धान उगाने वाले किसान जिनके क्षेत्र में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार भूजल स्टार 40 मीटर से नीचे चला गया है इस योजना के पत्र नहीं होगे। अधिक जानकारी के लिए आवेदन करने से पहले जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।
