उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में आवारा कुत्तों के आतंक मामलों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना से संबंधित बैठक आयोजित
करनाल, 16 दिसंबर। उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि जिला में आवारा कुत्तों के आतंक पर लगाम लगाना और मासूम बच्चों व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को अधिकारी गंभीरता से लें। इन घटनाओं की रोकथाम के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त उत्तम सिंह मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला में आवारा कुत्तों के आतंक मामलों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना से संबंधित बैठक में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों की बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि जिला में संयुक्त कार्य बल व जिला निगरानी समिति का गठन किया जा चुका है। इसके साथ ही जिला में 10 डॉग शेल्टर बनाए गए हैं जिनमें कुत्तों के रहने की व्यवस्था की गई है। साथ ही डॉग फीडिंग जोन भी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चार नगर परिषदों द्वारा कुत्ते पकड़ने का टेंडर जारी किया जा चुका है और दो नगर परिषदों में यह कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा जल्द ही हेल्पलाइन नंबर भी शुरू कर दिया जाएगा जिस पर आमजन आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायत कर सकते हैं।
उपायुक्त ने बैठक में नगर निगम व संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण कार्य में तेजी लाएं। इसके साथ ही आवारा कुत्तों को डॉग शैल्टर में भेजा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां कुत्तों के काटने की घटनाएं अधिक होती है। सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।
बैठक में डीडीपीओ कंचनलता, जीएम रोडवेज कुलदीप सिंह, उप नगर निगम आयुक्त अभय सिंह, जिला खेल अधिकारी राजबीर रंगा, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
