अंबाला।  एक नाइजीरियाई नागरिक लक्की सैमसन को किसान संजीव कुमार के नाम से बनाए गए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अंबाला कोर्ट से जमानत मिल गई। इस मामले ने पुलिस और न्यायिक तंत्र की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

संजीव कुमार जो कुरुक्षेत्र जिले के गांव बरगट जाटान के निवासी हैं ने बताया कि उनके नाम ट्रैक्टर की आरसी, आधार कार्ड और अन्य निजी दस्तावेजों की फर्जी प्रतियां बनाकर आरोपित को जमानत दिलाई गई।

यह मामला तब उजागर हुआ जब संजीव कुमार को 22 अगस्त को सीजेएम अंबाला की अदालत से नोटिस मिला, जिसमें उन्हें 28 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया। अदालत में पहुंचने पर उन्हें पता चला कि किसी ने उनकी पहचान का दुरुपयोग कर लक्की सैमसन को जमानत दिलाई है।

जमानत लेने वाले ने नकली दस्तावेजों पर संजीव की फोटो के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाई थी। अदालत में पेश किए फर्जी आरसी नंबर एचआर 97-1701 और बीमा दस्तावेज भी संजीव के असली दस्तावेजों से मेल नहीं खाते थे।

 

गिरोह की साजिश संजीव कुमार ने अदालत में अपने असली दस्तावेज प्रस्तुत किए और कहा कि यह मामला किसी गिरोह की साजिश है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि इस फर्जीवाड़े से उन्हें मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हुआ है। उनका मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय रैकेट शामिल हो सकता है।

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