पानीपत। अदालत ने तहसील कैंप की एक कॉलोनी में पांच साल की बच्ची को पांच रुपये का लालच दे छत पर ले जा दुष्कर्म करने के दोषी को 40 साल की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को चार साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
उस पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। यह पानीपत की न्यायपालिका के इतिहास की सबसे लंबी सजा है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयुष शर्मा ने महज दो साल चार माह चली सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया और इसे जघन्य अपराध करार देते हुए कड़ी सजा पर हस्ताक्षर किए।

तहसील कैंप क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी महिला ने 23 अप्रैल 2023 को तहसील कैंप थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि वह मूल रूप से कैथल की रहने वाली है। वह कई साल से पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र में अपने तीन बच्चों के साथ रहती है।

23 अप्रैल की सुबह उसका पति काम पर चला गया था। वह घर में काम कर रही थी। उसे छत से पांच साल की बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। वह दौड़कर ऊपर गई तो यहां उसकी बेटी अर्धनग्न अवस्था में थी। पड़ोसी विजय उसके पास खड़ा था। वह भी आपत्तिजनक हालत में था। उसे देखकर विजय यहां से फरार हो गया। उसकी बेटी दर्द से रोती रही।

बेटी ने बताया कि विजय अंकल उसे पांच रुपये का लालच देकर छत पर लाया था, फिर उसके साथ गलत काम किया। रात को उसका पति घर आया। उसने बेटी के साथ ही वारदात के बारे में बताया। वह बेटी को लेकर पुलिस थाने में गए और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बच्ची का जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपित विजय पर केस दर्ज कर उसे अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था। फर्द इंसाफ में विजय ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की वारदात में कबूलनामा किया था। वीरवार को पीयूष शर्मा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने विजय को 40 साल जेल की सजा सुनाई है।

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