चंडीगढ़। परिवार के खिलाफ जाकर अपनी मर्जी से शादी करने और बाद में कलह के कारण परिवारों के टूटने का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में भी उठा। इस समस्या के समाधान के लिए ऐसा कानून बनाने की मांग की उठी, जिससे लड़के और लड़की अपने माता-पिता की सहमति से ही शादी कर सकें।
विधानसभा में मंगलवार को शून्य काल के दौरान सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने मांग की कि ऐसा कानून बनाया जाए कि लड़के और लड़की अपने माता-पिता की सहमति से ही शादी कर सकें। उन्होंने कहा कि लड़की-लड़के भागकर विवाह कर लेते हैं।

बाद में उनके बीच कलह होता और वे जान तक दे देते हैं। कई की तो कलह के चलते हत्या हो गई। प्रेम विवाह करने वालों की अपने स्वजन से भी नहीं बनती, ऐसे कई मामले बताते हुए उन्होंने कहा आज परिवार के बिखरने की एक बड़ी वजह यही है, जिस पर कानून बनना चाहिए।

बुधवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन पारित एक विधेयक में गाड़ी व मकान के लिए दूसरी व तीसरी बार एडवांस राशि प्राप्त करने के लिए 60 वर्ष की आयु सीमा को हटा दिया गया है।

इसके अतिरिक्त विधायकों द्वारा मकान की मरम्मत आदि के लिए 10 लाख रुपये अतिरिक्त तौर पर प्राप्त करने का कानूनी प्रविधान भी कर दिया गया है।

लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा में एआइ बेस्ड रिकार्डिंग और अनुवादविधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि सचिवालय के साथ-साथ प्रदेश सरकार के संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को विधायी प्रारूपण की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा की एआइ बेस्ड रिकार्डिंग व अनुवाद की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए लोकसभा की सहमति मिल चुकी है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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