अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत करीब 47 करोड़।
युवाओं से अपील है कि नशे से दूर रहें तथा शिक्षा और खेलों में अपनी उर्जा लगाएं।
नशीली वस्तु अधिनियम के तहत पुलिस विभाग द्वारा जब्त किये गये नशीले पदार्थों को बाखली पेपर मील पेहवा में नष्ट किया गया। पुलिस विभाग द्वारा नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्यवाही करते हुए उनसे नशीले पदार्थ जब्त किये जाते है। नशा तस्करों के कब्जे से नशीले पदार्थों को जब्त किया जाता है। जब्त शुद्धा नशीले पदार्थो को एक कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाता है, ताकि इस प्रकार के नशीले पदार्थों का कोई दुरुप्रयोग न कर सकें। जिला पुलिस कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अम्बाला द्वारा दर्ज किये गये 466 मामलों में जब्त किये गये चूरापोस्त, स्मैक, गांजा, सुल्फा, हैरोईन, चरस, गांजा व नशीली दवाईयों को 12 अगस्त 2025 को बाखली पेपर मील पेहवा में नष्ट किया गया।
जानकारी देते हुए महानिरीक्षक अम्बाला मण्डल अम्बाला पंकज नैन ने बताया कि जिला पुलिस कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अम्बाला में नशीली वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज करीब 466 मामलों में जब्त किये गये नशीलों पदार्थो को बाखली पेपर मील पेहवा में नष्ट किया गया। इस प्रकार के नशीले पदार्थो को नष्ट करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार एक कानूनी प्रक्रिया के तहत कमेटी का गठन किया जाता है। नशीले पदार्थों को नष्ट करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक अम्बाला मण्डल अम्बाला श्री पंकज नैन जी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। जिनकी अध्यक्षता में 12 अगस्त 2025 को बाखली पेपर मील पेहवा में नष्ट किया गया। जिला पुलिस कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अम्बाला पुलिस द्वारा दर्ज किए गए 466 मामलों में जब्त किये गये नशीले पदार्थ जिसमें चूरापोस्त-29 किवंटल 10 किलो 214 ग्राम, गांजा-3 किवंटल 85 किलो 343 ग्राम, चरस/सुल्फा-39 किलो 957 ग्राम 354 मिलीग्राम, स्मैक-673 ग्राम 192 मिलीग्राम, हैरोईन-4 किलो 905 ग्राम 0.62 मिलीग्राम, कोकीन 14 ग्राम व नशीली दवाईयों के 62 मामलों में 145654 नशीली गोलियां व 53091 कैप्सूल व 55 इंजेक्शन को नष्ट किया गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत करीब 47 करोड़ 20 लाख 67 हजार रुपये है ।
पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस महानिरीक्षक अम्बाला मण्डल पंकज नैन ने बताया कि इससे पूर्व फैसलाशुदा मामलों में जब्त किये गए नशीलें पदार्थों को लकड़ी द्वारा आग में जलाया जाता था। जिससे पर्यावरण पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता था तथा इस प्रक्रिया में खर्च भी अधिक आता था। पर्यावरण को बचाने के लिए राज्य स्तर पर उच्च अधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श करने उपरांत निर्णय लिया गया था कि इस प्रकार के पदार्थों को किसी ऐसी जगह पर नष्ट किया जाये जहाँ पर इसके जलाने से पर्यावरण पर दुष्प्रभाव ना पड़े। जिसको साकार करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक अम्बाला मण्डल अम्बाला ने उनके अंतर्गत आने वाले जिला पुलिस कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व जिला अम्बाला के 404 मामलों में जब्त किये गये नशीले पदार्थों को बाखली पेपर मील पेहवा में नष्ट किये जाने का निर्णय लिया गया। नशीले पदार्थों को पेपर मील में प्रयोग होने वाले इंधन के साथ मिलाकर जलाया गया। इसके अतिरिक्त 62 मामलों में जब्त की गई 91 किलो 898 ग्राम 182 मिली
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नशा कानून अपराध के साथ साथ एक सामाजिक समस्या भी है। समाज के लोग आंखें आए और इस समस्या से निपटने में पुलिस का सहयोग करें ताकि नशे को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेन्ज में काफी संख्या में सरपंचों और पार्षदों ने सहयोग किया और गांव और वार्डों को नशामुक्त किया है। पुलिस द्बारा नशे की गिरफ्त में आए लोगों का ईलाज करवाया जा रहा है। महानिरीक्षक ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहें क्योंकि नशा कैरियर, सेहत और धन सबको खत्म कर देता है। युवाओं से अपील है कि अपना पूरा ध्यान पढ़ाई और खेलों पर लगाएं तथा अपना और देश का नाम रोशन करें।
दिनांक 12 अगस्त 2025 को नशीले पदार्थों को नष्ट करने के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष पुलिस महानिरीक्षक अम्बाला मण्डल अम्बाला श्री पंकज नैन, कमेटी मैम्बर पुलिस अधीक्षक यमुनानगर अमरदीप गोयल, एसपी अम्बाला अजीत सिहं शेखावत, पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र नीतीश अग्रवाल की देख-रेख में व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यमुनानगर अमरेन्द्र सिंह, एएसपी अम्बाला उतम पहल, डीएसपी अम्बाला विरेन्द्र सिहं, डीएसपी हैड क्वार्टर सुनील कुमार, डीएसपी पेहवा निर्मल सिंह, डीएसपी स्टेट क्राइम ब्रांच रजनीश शर्मा पुलिस महानिरीक्षक अम्बाला रेंज के प्रवाचक सुखबीर सिंह, प्रदीप कुमार, बिजेंद्र कुमार, कुरुक्षेत्र मालखाना इंचार्ज सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार, अम्बाला मालखाना इंचार्ज एएसआई गोपाल, यमुनानगर मालखाना इंचार्ज एसआई रोहताश की उपस्थिति में नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। इसके लिए सैन्सन पेपर मिल के मालिक प्रदीप सैनी ने इन्हें पावर प्लांट के बॉयलर में जलाने के लिए सहमति जताई थी।
