मोरनी। वर्षा में सड़क पर गड्ढे पड़े और मलबा जमा हो गया। प्रशासन इस समस्या का कोई समाधान तो नहीं करा पाया, उलटे रोडवेज के अधिकारियों ने बस ही बंद कर दी। बस बंद होने से ठाठर, भोज राजपुरा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।

छात्रों को अब ठाठर से लगभग तीन किलोमीटर दूर जिया गांव जाकर बस पकड़नी पड़ती है।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सड़क और मलबा साफ कराने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठाते। यहां तक की सरपंच का भी फोन नहीं उठा रहे।

वर्षा में भीगते और खराब रास्तों से जाना बच्चों के लिए बेहद कठिन

पंचायत की सरपंच कोमल देवी, पंचायत सदस्य मलकीत सिंह और समाजसेवी अनिल कुमार ने बताया कि इन गांवों के करीब 50 बच्चे आए दिन रायपुररानी और बालदवाला के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। वर्षा में भीगते और खराब रास्तों से होकर जाना इन बच्चों के लिए बेहद कठिन हो गया है।

सरपंच ने कहा कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि कामकाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रायपुररानी, पंचकूला व अन्य कस्बों में जाने वाले ग्रामीणों को भी 4–5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की प्रशासन से गुहार

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण सड़क अभी तक सुचारु नहीं हुई। इस कारण बस सेवा बहाल नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर सड़क से मलबा हटाने और बस सेवा शुरू करने की मांग की है, ताकि लोगों की परेशानी कुछ कम हो सके।

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