“शहीद उधम सिंह का बलिदान भारतीय स्वाभिमान की जिंदा मिसाल है” – डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा
कुरुक्षेत्र/भारत माता के वीर सपूत शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस के अवसर पर युवा जेजेपी नेता डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारत की आज़ादी की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. खैहरा ने कहा कि 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने जिस तरह देश की आत्मा को झकझोरा था, उसी घटना ने उधम सिंह को जनरल डायर के विरुद्ध न्याय की राह पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने वर्षों तक अपने भीतर उस अन्याय की आग को जीवित रखा और 1940 में लंदन जाकर डायर को मौत की सज़ा देकर पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारतवासी अपने देशवासियों के खून का हिसाब लेना जानते हैं। डॉ. खैहरा ने कहा, “शहीद उधम सिंह का जीवन हमें यह सिखाता है कि जब बात देश की गरिमा की हो, तो कोई भी बलिदान बड़ा नहीं होता। उनकी शहादत ने यह साबित कर दिया कि भारत की मिट्टी में जन्मा कोई भी बेटा अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं रह सकता।” उन्होंने आगे कहा कि उधम सिंह का यह बलिदान केवल एक व्यक्ति विशेष से बदला नहीं था, बल्कि यह भारत की अस्मिता, न्यायप्रियता और आज़ादी की भावना का प्रतीक था। उनका साहस आज के युवाओं को यह संदेश देता है कि अपने देश के लिए सोचने, लड़ने और आगे बढ़ने से बड़ा कोई धर्म नहीं। डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे महान बलिदानियों के जीवन से प्रेरणा लें और अपने कर्म, सोच और संकल्प से देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों से नहीं, बल्कि आचरण से देशभक्ति का प्रमाण देना होगा, और शहीद उधम सिंह हमें यही सिखाते हैं। *“आज जब देश नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब उधम सिंह जैसे सच्चे राष्ट्रभक्तों की सोच को अपनाना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।”
