झज्जर। 11 जुलाई से सावन माह प्रारंभ हो रहा है। सावन के महीने में नंदी महाराज की पूजा का विशेष महत्व रहता है। नंदी, भगवान शिव के प्रमुख गण और उनके वाहन हैं, इसलिए सावन में उनकी पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।

माना जाता है कि नंदी के कान में अपनी इच्छा बताने से वह भगवान शिव तक पहुंचती

गोकुलधाम में हाल ही में एक अत्यंत करुण और जागरूकता बढ़ाने वाली घटना सामने आई। स्थानीय क्षेत्र से गंभीर रूप से बीमार एक नंदी को रेस्क्यू कर जब गोकुल धाम हॉस्पीटल लाया गया, तो उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी।

गोकुलधाम पहुंचने पर पूरी मेडिकल जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि नंदी को लीवर और किडनी में गहरा संक्रमण था। साथ ही उसके शरीर में भारी संक्रमण और कमज़ोरी देखी गई। उसे तुरंत चिकित्सकों की निगरानी में विशेष चिकित्सा सुविधा में भर्ती किया गया।

सर्जरी ने दिया नंदी को जीवन दान

गंभीर अवस्था में लाए गए नंदी का कई दिनों तक निरंतर जांच, इलाज और देखभाल के बाद जब सभी रिपोर्ट सामान्य आने लगीं, तब विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम ने “रूमेनोटोमी” सर्जरी का निर्णय लिया।

बता दें कि यह एक अत्यंत जटिल और संवेदनशील आपरेशन होता है, जिसमें पशु के पेट से बाहरी हानिकारक वस्तुएं निकाली जाती हैं।

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ऑपरेशन के दौरान नंदी के पेट से लगभग 40 किलो पालिथीन और प्लास्टिक कचरा निकाला गया। यह देख हर कोई स्तब्ध रह गया कि कैसे यह बेज़ुबान जानवर वर्षों से हमारे फेंके गए कचरे को निगलता रहा और चुपचाप तिल-तिल कर मरता रहा। इस सर्जरी ने नंदी को नया जीवन दिया।

अब वह गोकुलधाम में है, और डाक्टरों की देखरेख में धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है। देखा जाए तो यह केवल एक नंदी की कहानी नहीं है, यह हमारी लापरवाही की कीमत है जो ये बेज़ुबान चुका रहे हैं। क्या हमने कभी सोचा कि जो पालिथीन हम सड़क पर फेंक देते हैं, वह किसी पशु के लिए जानलेवा हो सकता है?

र मनोकामना पूर्ण होती है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि बेसहारा घूम रहे नंदियों की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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