फरीदाबाद। एनआईटी के वार्ड नंबर आठ में सारन स्कूल के पास गली नंबर दो में ठेकेदार का अधूरा काम एक परिवार के लिए पीड़ादायक बन गया। परिवार रातभर घर के सामने खुदे गड्ढे में से पानी निकालता रहा क्योंकि वह पानी रिसकर मकान की दीवारों में जा रहा था। ऐसे में उनको डर था कि कहीं मकान की दीवारें न ढह जाए। इस दौरान परिवार के साथ अन्य लोग भी संबंधित ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ रोष जताता हुआ नजर आया। परिवार का चार फुट गड्ढे में उतरकर पानी निकालने का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया।

गली में दोनों तरफ 100 से अधिक मकान

इस गली में सीवर, पानी की लाइन और सड़क निर्माण का एक साल पहले केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शुभारंभ किया था। उस समय अधिकारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री को यह बताया था कि तीन से चार माह के भीतर सारे काम पूरे कर दिए जाएंगे।
अब एक साल बीतने पर भी सीवर, पानी आर गली निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। मानसून में यह अधूरा काम लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन गया है क्योंकि ठेकेदार ने पानी की लाइन के गड्ढे खोदकर काम बीच में छोड़ दिया है। इस गली में दोनों तरफ 100 से अधिक मकान बने हुए है। रविवार को लोगों ने गली के रूके हुए विकास कार्याें को लेकर जाम भी लगाया था।

अपने बच्चों के साथ गड्ढे में उतर गए यशपाल

गली में पुरानी लाइन को तोड़ दिया गया है। ताकि नई लाइन डाली जा सके। इस लाइन का काम एक माह पहले शुरू किया गया था। लेकिन लाइन डालने का काम पूरा नहीं हुआ। सोमवार रात को वर्षा आने पर गड्ढे में पानी भर गया। यह गड्ढा ठीक स्थानीय निवासी यशपाल मलिक की दीवार के साथ खोदा गया था।

इधर रात को वर्षा हुई तो यशपाल मलिक को यह चिंता सताने लगी कि कहीं घर के सामने ही पानी की लाइन का जो गड्ढा खोदा गया है, वहां गड्ढे में जमा हो रहा पानी कहीं रिस कर उसके मकान की नींव में न चला जाए। यशपाल की चिंता परिवार की भी चिंता थी।

इसके बाद यशपाल, उनकी पत्नी कृष्णा चौधरी दोनों बच्चों के साथ गड्ढे में उतरकर पानी निकालते रहे। परिवार का कहना था कि निगम की धीमी रफ्तार की वजह से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *