ऑनलाईन फ्राड और साइबर अपराधो से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी
जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र श्री नीतीश अग्रवाल ने कहा कि साईबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों को कभी पेंशन स्कीम का लालच देते हैं, कभी फर्जी लोन एप के माध्यम से, कभी बिना आर्डर का पार्सल भेजकर तो कभी कॉल फॉरवर्डिंग करके और कभी किसी व्यक्ति की ई-मैल, व्हाट्सएप, फेसबुक आईडी को हैक करके शातिर उनको साइबर ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। आजकल ठग पर फोटो भेजकर व्हाट्सएप कॉल करते हैं और उनके द्वारा व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो को पहचान के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फोटो या लिंक पर क्लिक करता है उसके फोन में एक वायरस या हैकिंग एप इंस्टॉल हो जाता है और उसके माध्यम ठगी उसका खाता खाली कर देते हैं। ऐसे में आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई किसी भी फोटो पर क्लिक ना करें तथा बैंकिंग एप्स को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें ।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर जालसाजी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है जागरूक होना। उसके बाद भी अगर ठगी हो जाये तो नैशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। अगर साइबर हेल्पलाइन पर समय रहते शिकायत की जाए तो आम आदमी की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है। 1930 पर तुरन्त शिकायत करनें पर आपका पैसा सुरक्षित वापिस आ सकता है ।
