पानीपत। राजनगर में आठ माह की गर्भवती पति से झगड़ा कर मायके चली गई थी। पति उसे वापस ससुराल आने के लिए कहता तो वह कहती कि बेशक जहर खा लो, नहीं आउंगी। युवक ने जहर निगल लिया, स्वजन ने उसे जिला नागरिक अस्पताल दाखिल कराया, नाजुक हालत देख चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।

स्वजन ने निजी अस्पताल में इलाज शुरू कराया है।  राजनगर निवासी ई-रिक्शा चालक सागर की दो साल पहले गांव गोली माजरा की बबली से शादी हुई थी। सागर और बबली के बीच अक्सर झगड़ा होता रहा। बबली से सागर परेशान रहने लगा।

शुक्रवार को बबली का भाई सागर के घर आया और झगड़ा करके बबली को अपने साथ ले गया। जब बबली मायके चली गई तो सागर ने फोन करके उसे वापस ससुराल आने को कहा। बबली ने उसे कहा कि वह नहीं आएगी बेशक जहर खा ले। इसी से दुखी होकर सागर ने शनिवार रात को जहर निगल लिया।

कमरे में बेसुध पड़ा देख सागर को उसके पिता रोहताश जिला नागरिक अस्पताल में लेकर आए, यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। स्वजन उसे गोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गए, वहां उसका इलाज हुआ।

सुखविंद्र का मिला शव

एक सप्ताह पहले करनाल में नहर में कूदे गांव काबड़ी के सुखविंद्र का शव झज्जर में जवाहरलाल नेहरू कनाल में मिला है। सुखविंद्र ने पत्नी से परेशान होकर नहर में छलांग लगा दी थी। उसकी स्कूटी नहर किनारे मिली थी। नहर में कूदने से पहले सुखविंद्र ने अपनी बहन को कॉल कर आपबीती सुनाई थी।

बहन उसे समझाती रही, लेकिन वह नहीं माना। उसने यह कहकर कॉल काट दी थी कि आखिरी बार बात हो रही है। एक सप्ताह से स्वजन गोताखोरों की मदद से सुखविंद्र के शव की तलाश कर रहे थे। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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