पंचकूला। हरियाणा में भाजपा से मजबूत संगठन बनाने की कवायद में लगी कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए जिलाध्यक्ष के नाम लगभग तय कर लिए हैं। अलग-अलग जिलों के लिए तय केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सह पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर कार्यकर्ताओं के साथ जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक बैठकें कर उनकी राय लेने के बाद छह-छह दावेदारों का पैनल तैयार किया है।
बड़े जिले में शहरी तथा ग्रामीण के लिए दो अध्यक्ष होंगे और एक-एक कार्यकारी अध्यक्ष भी चयनित किया जाना है। कुछ जिलों में यह काम अंतिम चरण में है। शुक्रवार शाम तक वहां भी पूरा करने के बाद पर्यवेक्षक अपने-अपने लिफाफे पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति को भेज देंगे।
कुछ जिलों में यह कार्य अंतिम दौर में हैं। 30 जून को शाम तक पर्यवेक्षक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं। इस दिन शाम तक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी चयन समिति की बैठक होगी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे।
शनिवार शाम तक लिफाफा तैयार
सभी के सामने ही जिलाध्यक्ष के नाम पर राहुल गांधी अपनी मुहर लगाएंगे। संभावना यह है कि 30 जून की देर रात तक जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा हो जाए। गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, पलवल सोनीपत सहित अधिकतर जिला में पर्यवेक्षकों ने छह नाम वाला पैनल बना लिया है।
हालांकि झज्जर में 29 जून को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय पर्यवेक्षक तथा कांग्रेस के पूर्व सांसद जगदीश ठाकौर करेंगे। नूंह, महेंद्रगढ़ तथा झज्जर व अन्य जिला में शनिवार शाम तक लिफाफा तैयार हो जाएगा।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने तैयार किया पैनल
रायशुमारी तथा बैठकों का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। नामों का चयन करते वक्त हर जिले में मतदाताओं को लेकर जातीय समीकरण को भी केंद्र में रखा गया है। अगर जिलाध्यक्ष एक जाति का होगा तो कार्यकारी अध्यक्ष दूसरे नंबर पर रहने वाले जाति वर्ग से होगा। इस तरह के समीकरण हर जिले में बनाए गए हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक गुरुग्राम तथा फरीदाबाद, सोनीपत शहरी क्षेत्र में संगठन की कमान किसी पंजाबी चेहरे को दी जा सकती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कहा कि जिलाध्यक्ष का चुनाव पूरे अनुशासन के साथ किया जाना है।
बैठकों से निकले निष्कर्ष और आवेदकों के कार्य देखने के बाद पार्टी हाईकमान द्वारा तय केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने पैनल तैयार किया है।
