चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने उन 4900 बदमाशों की सूची तैयार की है जो कानून व्यवस्था के हिसाब से पुलिस व जनता के लिए चुनौती है। इन 4900 बदमाशों में दबंग और गैंग्स्टर भी शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद बदमाशों की यह सूची तैयार की गई है ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा सके। सभी बदमाशों को जिलावार चिह्नित कर लिया गया है। 

ऐसे बदमाशों के परिवारों को यदि राज्य सरकार की ओर से किसी तरह की सुविधा मिल रही है तो उसे भी बंद किया जा सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा के उच्च पुलिस अधिकारियों की बैठक में यह फैसला हुआ था, लेकिन बाद में इसे विचार विमर्श के लिए छोड़ दिया गया था। 

पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की। 

आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों की बैठक में शामिल हुईं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बदमाशों की गतिविधियों और हस्तक्षेप के चलते शराब के ठेकों की नीलामी नहीं हो रही है। शराब की नीलामी में शामिल होने वाले ठेकेदारों को सुरक्षा की जरूरत है। 

अगले एक माह तक शराब के ठेकों की नीलामी प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसमें भिवानी, हिसार, रोहतक और यमुनानगर जैसे चार जिलों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। ठेकेदार निडर होकर नीलामी में भाग लें, इस संबंध में पुलिस को विशेष प्रयास करने होंगे। 

पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधीक्षको को निर्देश देते हुए कहा कि ठेकेदारों के बीच विश्वास की भावना उत्पन्न करें और जिले में नियमित नाकाबंदी एवं सघन निगरानी अभियान चलाएं। 

आबकारी विभाग के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी योजना बनाई जाए और 30 जून तक चलने वाली शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया के दौरान शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। आबकारी एवं कराधान विभाग ने तीन, चार व पांच जून को जोन बनाकर शराब ठेकों की नीलामी का कार्यक्रम तैयार किया है। 

12 जून से शराब नीति लागू हो जाएगी। हर जिले में पांच से छह सदस्यों की टीम पुलिस महानिदेशक ने अपने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे अपराधियों पर जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाए। 

जो भी व्यक्ति आम जनता का शोषण कर रहा है, धमकी दे रहा है या अवैध वसूली कर रहा है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने हिसार रेंज के नशामुक्ति माडल को राज्य के हर जिले में लागू करने के निर्देश दिए। पुलिस और समाज के सहयोग से नशामुक्त हरियाणा की राह आसान होगी। 

हर जिले में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो पांच से छह सदस्यों की टीम तैयार करे। इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल पर चार हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पुलिस महानिदेशक ने ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) की कार्य क्षमता को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश बैठक में दिए। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 4000 पुलिसकर्मी ईआरवी पर तैनात हैं। निर्देश दिए कि पुलिस अधीक्षक ईआरवी का कार्य-आडिट करना सुनिश्चित करें, ताकि सिस्टम में मौजूदा कमियों को दूर किया जा सके और संबंधित पुलिसकर्मी की जवाबदेही तय हो सके।

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