कुटिक द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
कुरुक्षेत्र, 5 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि स्टार्ट-अप, नवाचार व उद्यमिता विकसित भारत का आधार है। छात्रों को इन-हाउस नवाचार एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए एक अच्छा पारिस्थितिकी तंत्र आवश्यक है जिसके मद्देनजर केयू में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर बनाए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य ज्ञान हस्तांतरण को ज्ञान के सृजन के रूप में बदलना है। वे सोमवार को सीनेट हॉल में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी इन्क्यूबेशन सेंटर(कुटिक) द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रयास 2.0 द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विजेता टीमों, सलाहकारों और सहयोगियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने युवाओं में समस्या-समाधान और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने में नवाचार चुनौतियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रोटोटाइपिंग चरणों के दौरान टीमों का मार्गदर्शन करने में संकाय सलाहकारों के निरंतर प्रयासों की भी सराहना की। केयू कुटिक की समन्वयक प्रो. अनुरेखा शर्मा ने कहा कि प्रयास 2.0 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विचारों को उत्पादों में बदलने के लिए नवाचार पाइपलाइन में शामिल करना है।
इस समारोह में मुनीश, सीमा, मधु, मालोबिका और विश्वरूप (टीम स्ट्रेटेजाइज) सहित प्रमुख उद्योग सहयोगियों ने टीमों का मार्गदर्शन किया और विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता के रूप में काम किया।
इस अवसर पर प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. हरदीप, प्रो. अश्विनी, मुनीश, सीमा, मधु, मालोबिका, विश्वरूप, डॉ. मनोज सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे।
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चार श्रेणियों में किया नवाचार को प्रस्तुत
कुटिक 2.0 अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, पर्यावरण और विविध नवाचारों द्वारा रचनात्मक समाधानों का प्रदर्शन किया, जो व्यवसाय मॉडल और पिच डेक द्वारा समर्थित थे जिसमें छह टीमों, एडोर, आदिशक्ति, ग्लूटेगेस्ट, एटरबियन, पारसेल्स, नैनोशील्ड एक्वा ने पुरस्कार प्राप्त किए।
