– बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया संदेश
करनाल, 4 अप्रैल  : बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की धरती से इस अभियान की शुरुआत की थी। अब लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान बढ़ा है। करनाल जिले की बात करें तो लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। जिला में 1 हजार लड़कों की तुलना में 926 का आंकड़ा पार कर गया है और करनाल जिला प्रदेश का सिरमौर बन गया है। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए करनाल नगर निगम वार्ड न. 20 के गांव धौलगढ़, उचाना आंगनवाड़ी क्षेत्र में लड़कियों के जन्म होने पर कुआं पूजन व गोद भराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर नेहा के नेतृत्व में किया गया। कुआं पूजन के दौरान शिल्पी, शीतल, सोनिया, संतोष, बबीता, काजल, ममता, पुष्पा, अनु, प्रीति, कविता, आकंशा, दीपा, मोनिका, प्रियंका, रेनू, लक्ष्मी, मीना व बबली ने बेटियों के जन्म की खुशी मनाई। इस अवसर पर आंगनवाड़ी वर्कर गीता देवी, सरोज, विना शर्मा, मुन्नी देवी, सुनीता शर्मा, राज रानी, रेखा, निशा व मीरा देवी एवं क्षेत्र की महिलाओं ने भाग लिया।  इस अवसर पर सुपरवाइजर नेहा ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को रोकने तथा लिंगानुपात की स्थिति में सुधार लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, आपकी बेटी-हमारी बेटी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन योजनाओं का महिलाओं को लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भ्रूण हत्या को रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत निगरानी रखी जाती है, इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बेटियों और बेटों में भेदभाव न हो, इसको लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डीसी उत्तम सिंह के कुशल मार्गदर्शन और जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के टीमवर्क के चलते करनाल जिला इस उपलब्धि को हासिल करने में सफलता हो रहा है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। एक समय था जब महिलाएं घरों में पर्दे के ओट में रहती थी, लेकिन महिलाएं अब किसी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है, आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही हैं। कई क्षेत्र में महिलाएं सफलता का परचम लहरा रही है। वे आज समाज को एक नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं त्याग की प्रतिमूर्ति है, समाज के हित के लिए वे निरंतर काम कर रही है और आगे बढ़ रही है। नेहा ने कहा कि महिलाएं हमेशा से हमारे समाज की आधारशिला रही हैं। वे सिर्फ परिवार की देखभाल करने वाली नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण की महत्वपूर्ण धुरी भी हैं। हर क्षेत्र में, चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य सेवा हो, विज्ञान हो या खेल, महिलाएं अपनी शक्ति और प्रतिभा से दुनिया को नई दिशा दे रही हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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