कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने लाडवा अनाजमंडी का किया औचक निरीक्षण, सरसों की खरीद का लिया जायजा, किसानों और व्यापारियों से की बातचीत, खरीद कार्य में नहीं आने दी जाएगी रत्ती भर भी दिक्कत
लाडवा 21 मार्च। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा देश का प्रथम राज्य है, जहां पर किसानों की सबसे अधिक फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही है, इसके साथ-साथ बीज खाद कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा किसानों को अनुदान राशि भी प्रदान की जाती है। अहम पहलू यह है कि मंडियों में सरसों के साथ-साथ अन्य फसलों के खरीद कार्य में किसानों और व्यापारियों को रत्ती भर भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शुक्रवार को लाडवा अनाजमंडी में औचक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। यहां पर कृषि मंत्री ने सरसों की खरीद कार्य का जायजा लिया। इस दौरान कृषि मंत्री ने किसानों, व्यापारियों से बातचीत कर खरीद कार्य के बारे में फीडबैक ली और कृषि मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए और जल्द से जल्द किसानों की फसल खरीदी जाए। इस मामलें में अगर किसी अधिकारी, कर्मचारी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों मंडियों में किसानों, व्यापारियों और मजदूरों के लिए तमाम सुविधाएं और व्यवस्थाएं करवाना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर उनकी सोच हमेशा किसान हित की रही है, क्योंकि वह स्वयं भी किसान परिवार से जुड़े हुए हैं और किसानों की समस्याओं से भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर हैं और सरकार का प्रयास है कि जनहित की योजनाओं का लाभ किसान के साथ-साथ हर वर्ग को मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा प्रदेश विकास के साथ-साथ हर क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों से सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ग के हित को ध्यान में रखकर विकासात्मक योजनाएं बनाई गई। हरियाणा सरकार हर वर्ग को साथ लेकर सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की नीति पर काम कर रही है। इस प्रदेश में किसानों की सभी 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का काम किया जा रहा है और किसानों को फसल प्रबंधन के लिए यंत्र सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जा रहे है। इसके अलावा और जरूरी यंत्रों पर सरकार सब्सिडी दे इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्र सरकार को भी पत्र लिखा है। सरकार ने अभी विधानसभा सत्र में भी अभी किसानों के हित में विधेयक पारित किए है। यह सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हमेशा कल्याणकारी योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा नेे कहा कि खेती की दूसरी विधि जैविक खेती में गोबर का प्रयोग होता है इसमें जो केंचुआ होता उसे विदेश से खरीद किया जाता है और वह केंचुआ केवल गोबर ही खाता है मिट्टी नहीं खाता, इसी प्रकार खेती की तीसरी विधि प्राकृतिक खेती का जो केंचुआ है, वह हमारी मिट्टी में पहले से ही मौजूद है और वह मिट्टी व गोबर खाता है। देशी गाय जब गोबर करती है तो उस गोबर में एक दिन बाद उठाने पर सुराख मिलते हैं, ऐसा इसलिए होता है कि केंचुआ धरती में से ऊपर आकर उस गोबर से अपनी खुराक लेकर फिर धरती में चला जाता है। इसलिए केंचुए द्वारा धरती में किए गए सुराख के माध्यम से बरसात के दिनों में पानी हमारी धरती में चला जाता है। हिन्दुस्तानी केंचुआ जमीन में पानी की रिचार्जिंग के साथ-साथ जमीन को उपजाऊ भी बनाता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती देश के हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है। प्रदेश के वर्ष 2025-2026 के बजट में सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र को 25 हजार एकड़ से बढाकर एक लाख एकड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। निश्चित तौर से प्राकृतिक खेती करने से लोगों को जहरमुक्त अनाज व पशुओं को घास मिलेगा और हमें बीमारियों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों का प्रयोग नहीं होता है, बल्कि प्रकृति में आसानी से उपलब्ध होने वाले प्राकृतिक तत्वों, तथा जीवाणुओं के उपयोग से खेती की जाती है। यह पद्धति पर्यावरण के अनुकूल है तथा फसलों की लागत कम करने में कारगर है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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