कुरुक्षेत्र, 28 अक्टूबर 2026।
माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुरुक्षेत्र की माननीय सीजेएम एवं सचिव मिस नीतिका भारद्वाज जी के दिशा-निर्देशानुसार राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुरुक्षेत्र में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत पैन इंडिया विद्यालय जागरूकता अभियान के तहत बच्चों के लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों एवं प्रभावों के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सरवप्रीत कौर ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा तथा बाल शोषण की रोकथाम के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को “मेरा बचपन, मेरा अधिकार”, “कानून जानो, बचपन बचाओ”, “सुरक्षित क्लिक”, “सुरक्षित बचपन—बोलें, बताएं और संरक्षण पाएं”, “बाल विवाह नहीं”, “बाल शोषण नहीं” तथा “जागरूक बचपन, सशक्त भारत” जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जागरूक किया।
उन्होंने बच्चों के लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों एवं महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को लैंगिक शोषण, दुर्व्यवहार तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने तथा ऐसी घटना होने पर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन संख्या 15100 तथा बाल हेल्पलाइन संख्या 1098 के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, कानूनी संरक्षण तथा बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना था।
