कुरुक्षेत्र, 28 अक्टूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बुधवार को अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं से युक्त मटेरियल्स कैरेक्टराइजेशन सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र उन्नत पदार्थों के निर्माण, परीक्षण एवं विश्लेषण के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा रूपांतरण और ऊर्जा भंडारण से संबंधित अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगा।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने केंद्र की स्थापना के लिए भौतिकी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं विश्वविद्यालय की शोध क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सहयोग और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि इस केंद्र को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जहां से नवीन पदार्थों, उपयोगी तकनीकी समाधानों और उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों के रूप में ठोस परिणाम सामने आएं।
कुलगुरु ने केंद्र के प्रभारी प्रो. सुमन महेंदिया के समर्पित प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रो. महेंदिया ने भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश खरब के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में इस उन्नत अनुसंधान केंद्र की स्थापना के संकल्प को साकार करने के लिए अथक प्रयास किए हैं। उन्होंने केंद्र को वर्तमान स्वरूप प्रदान करने में किए गए नियोजन, समन्वय और संस्थागत प्रयासों की सराहना करते हुए संबंधित दल को इसे उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने आशा व्यक्त की कि आगामी वर्ष में यह केंद्र अपने अनुसंधान परिणामों, तकनीकी योगदान और सहयोगात्मक उपलब्धियों के माध्यम से विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में भौतिकी विभाग की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा, अनुसंधान गतिविधियों, वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग पर प्रकाश डाला गया। इस केंद्र की स्थापना के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 11.67 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जबकि एएनआरएफ के पीएआईआर अनुदान के माध्यम से लगभग 10.5 करोड़ रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, एएनआरएफ तथा राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (एनएमएचएस) से संबंधित अनुसंधान वित्तपोषण भी शोध गतिविधियों को सुदृढ़ कर रहा है। यह निवेश विश्वविद्यालय की उन्नत अनुसंधान सुविधाएं विकसित करने और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केंद्र में गैस क्रोमैटोग्राफी-द्रव्यमान स्पेक्ट्रमिकी, बीईटी पृष्ठीय क्षेत्रफल विश्लेषक, विद्युत-रासायनिक कार्यस्थान, बैटरी परीक्षक तथा नियंत्रित वातावरण और विभिन्न तापमान क्षेत्रों में कार्य करने में सक्षम उच्च तापमान भट्ठी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, एक्स-किरण फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रमिकी सुविधा की खरीद की योजना भी है। इन उपकरणों के माध्यम से उन्नत पदार्थों का निर्माण करने, उनकी संरचना एवं सतह का विश्लेषण करने, उनका परीक्षण करने तथा उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने में सहायता मिलेगी। इससे ऊर्जा उत्पादन, रूपांतरण और भंडारण के लिए उपयोगी पदार्थों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह केंद्र भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव रसायन, यांत्रिक अभियांत्रिकी और पर्यावरण अध्ययन जैसे विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं को साझा मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों को उन्नत विश्लेषणात्मक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, विभिन्न विषयों से जुड़ी संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा तथा टिकाऊ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए नए सहयोग के अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल, शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. राकेश कुमार, केंद्र की प्रभारी प्रो. सुमन महेंदिया, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश खरब, प्रो. आर.के. मुद्गिल, प्रो. अन्नू शर्मा, प्रो. फकीर चंद, डॉ. हरदेव सिंह, डॉ. रेणु गुप्ता और डॉ. रितु शर्मा, डॉ. संजय काजल, डॉ. विशाल अहलावत, प्रो. सुमन ढांडा, डॉ. विनिता भांकर, डॉ. संगीता सैनी, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, एक्सईन पंकज शर्मा सहित अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
