करनाल, 28 अक्तूबर। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आमजन की शिकायते सुनना हमारा दायित्व है और शिकायत का निवारण करना प्राथमिकता है। कानून के दायरे में जनता को न्याय दिलवाया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी लोगों की बात संवेदना के साथ सुनें और उनकी समस्याओं को हल करे।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बुधवार को पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री ने बैठक में 12 परिवादों में से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया तथा शेष 3 परिवादों की पुन: जांच उच्च अधिकारियों को सौंपी ताकि शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जा सके ।
बैठक में अंकित पुत्र कृष्ण लाल, निवासी गांव बस्ताडा की शिकायत खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कुन्जपुरा कार्यालय से संबंधित थी। शिकायत में बताया कि गांव कुन्जपुरा में करवाए गए 27 विकास कार्यों की 42,50,000/- रुपये की बकाया पेमेंट नहीं मिली है तथा पूर्व सरपंच सविता रानी, वर्तमान सरपंच सुमनलता व ग्राम सचिव जितेन्द्र कुमार पर फर्जी बिलों से गबन का आरोप लगाया गया है। इस मामले की जांच एडीसी करनाल द्वारा की जा रही है। जांच पूरी न होने की वजह से मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए। इसी प्रकार से
सुशील कुमार पुत्र बनारसी दास, निवासी गांव झिंवरहेडी तहसील घरौण्डा का मामला पुलिस विभाग से संबंधित है। शिकायत में प्रार्थी ने बताया कि उनके बेटे अक्षय को अमेरिका भेजने के नाम पर आरोपी विरेन्द्र द्वारा 22,50,000/- रुपये हड़पने, दुबई/सर्बिया/ग्रीस के रास्ते अवैध रूप से भेजने, बंधक बनाकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी दी गई है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन मंत्री ने बैठक में उपस्थित दोनों पक्षों की बात सुनी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि दोनों व्यक्तियों की बात को अपने कार्यालय में बुलाकर सुने और इनका समाधान करवाएं। मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए।
बैठक में सुरेन्द्र राणा पुत्र सूरत सिंह, निवासी गांव गोंदर की शिकायत वन विभाग से संबंधित थी। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि गांव गोन्दर में नरदक नहर के साथ लगती वन विभाग की जमीन पर आजाद पब्लिक स्कूल के संचालक रणसिंह पुत्र रघबीर द्वारा बिना विभागीय अनुमति पेड़ काटकर, मिट्टी भरत करके और स्कूल का गेट खोलकर नाजायज कब्जा किया हुआ है। इसे हटाने बारे अनुरोध किया गया है। इस मामले में जिला वन अधिकारी ने बताया कि यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर मंत्री ने प्रार्थी की बात गंर्भीता से सुना और मामले की पुन: जांच एसडीएम नीलोखेड़ी को सौंपी गई। मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए।
बैठक में कर्म सिंह, सेक्टर-9 करनाल निवासी की शिकायत जिला नगर योजनाकार, करनाल / नगर निगम, करनाल से संबंधित थी। यह मामला पिछली बैठक से लंबित था। मंत्री ने जांच रिपोर्ट सुनने उपरांत तहसीलदार करनाल को निर्देश दिए कि प्रार्थी की संतुष्टि के लिए निशानदेही करवाई जाए और दोनों पक्षों को न्याय मिले। इसी प्रकार से बलवान, निवासी मंगलपुर जिला करनाल की शिकायत शिक्षा विभाग से संबंधित थी। प्रार्थी ने बताया कि उनके पुत्र (हनीश) को बच्चों का नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 योजना के तहत ओपीएस इंटरनेशनल स्कूल अलॉट होने के बावजूद स्कूल द्वारा दाखिला न देने के संबंध में दाखिला करवाने की मांग। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्राथी के बच्चे का संबंधित स्कूल द्वारा दाखिला कर लिया गया है। प्रार्थी बलवान सिंह ने कार्रवाई से संतुष्ट होकर कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा व उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा का आभार जताया। इसी प्रकार से लवप्रीत सिंह पुत्र मगर सिंह, निवासी ग्राम निसिंग तहसील निसिंग जिला करनाल की शिकायत पंचायत विभाग से संबंधित थी। जोकि पिछली बैठक से लंबित थी। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट सुनने के उपरांत कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने निर्देश दिए कि तुरंत कब्जा हटवाया जाए।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बुधवार को पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री ने बैठक में 12 परिवादों में से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया तथा शेष 3 परिवादों की पुन: जांच उच्च अधिकारियों को सौंपी ताकि शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जा सके ।
बैठक में अंकित पुत्र कृष्ण लाल, निवासी गांव बस्ताडा की शिकायत खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कुन्जपुरा कार्यालय से संबंधित थी। शिकायत में बताया कि गांव कुन्जपुरा में करवाए गए 27 विकास कार्यों की 42,50,000/- रुपये की बकाया पेमेंट नहीं मिली है तथा पूर्व सरपंच सविता रानी, वर्तमान सरपंच सुमनलता व ग्राम सचिव जितेन्द्र कुमार पर फर्जी बिलों से गबन का आरोप लगाया गया है। इस मामले की जांच एडीसी करनाल द्वारा की जा रही है। जांच पूरी न होने की वजह से मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए। इसी प्रकार से
सुशील कुमार पुत्र बनारसी दास, निवासी गांव झिंवरहेडी तहसील घरौण्डा का मामला पुलिस विभाग से संबंधित है। शिकायत में प्रार्थी ने बताया कि उनके बेटे अक्षय को अमेरिका भेजने के नाम पर आरोपी विरेन्द्र द्वारा 22,50,000/- रुपये हड़पने, दुबई/सर्बिया/ग्रीस के रास्ते अवैध रूप से भेजने, बंधक बनाकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी दी गई है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन मंत्री ने बैठक में उपस्थित दोनों पक्षों की बात सुनी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि दोनों व्यक्तियों की बात को अपने कार्यालय में बुलाकर सुने और इनका समाधान करवाएं। मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए।
बैठक में सुरेन्द्र राणा पुत्र सूरत सिंह, निवासी गांव गोंदर की शिकायत वन विभाग से संबंधित थी। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि गांव गोन्दर में नरदक नहर के साथ लगती वन विभाग की जमीन पर आजाद पब्लिक स्कूल के संचालक रणसिंह पुत्र रघबीर द्वारा बिना विभागीय अनुमति पेड़ काटकर, मिट्टी भरत करके और स्कूल का गेट खोलकर नाजायज कब्जा किया हुआ है। इसे हटाने बारे अनुरोध किया गया है। इस मामले में जिला वन अधिकारी ने बताया कि यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर मंत्री ने प्रार्थी की बात गंर्भीता से सुना और मामले की पुन: जांच एसडीएम नीलोखेड़ी को सौंपी गई। मंत्री ने इस मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखने की निर्देश दिए।
बैठक में कर्म सिंह, सेक्टर-9 करनाल निवासी की शिकायत जिला नगर योजनाकार, करनाल / नगर निगम, करनाल से संबंधित थी। यह मामला पिछली बैठक से लंबित था। मंत्री ने जांच रिपोर्ट सुनने उपरांत तहसीलदार करनाल को निर्देश दिए कि प्रार्थी की संतुष्टि के लिए निशानदेही करवाई जाए और दोनों पक्षों को न्याय मिले। इसी प्रकार से बलवान, निवासी मंगलपुर जिला करनाल की शिकायत शिक्षा विभाग से संबंधित थी। प्रार्थी ने बताया कि उनके पुत्र (हनीश) को बच्चों का नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 योजना के तहत ओपीएस इंटरनेशनल स्कूल अलॉट होने के बावजूद स्कूल द्वारा दाखिला न देने के संबंध में दाखिला करवाने की मांग। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्राथी के बच्चे का संबंधित स्कूल द्वारा दाखिला कर लिया गया है। प्रार्थी बलवान सिंह ने कार्रवाई से संतुष्ट होकर कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा व उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा का आभार जताया। इसी प्रकार से लवप्रीत सिंह पुत्र मगर सिंह, निवासी ग्राम निसिंग तहसील निसिंग जिला करनाल की शिकायत पंचायत विभाग से संबंधित थी। जोकि पिछली बैठक से लंबित थी। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट सुनने के उपरांत कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने निर्देश दिए कि तुरंत कब्जा हटवाया जाए।
इस अवसर पर उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने जिला प्रशासन की ओर से कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा का पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया तथा समिति के सभी सरकारी व मनोनित सदस्यों का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि अधिकारी शिकायतकर्ताओं के मामलों की गहनता से जांच करके उनकी समस्याओं का समाधान करे।
बैठक में करनाल विधायक जगमोहन आनंद, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, असंध के विधायक योगेद्र राणा, मेयर रेणु बाला गुप्ता, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कवींद्र राणा तथा जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा, एसपी करन गोयल, नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा, एडीसी डा. राहुल रईया, एसडीएम असंध सुमित सिहाग, एसडीएम नीलोखेड़ी अशोक कुमार, एसडीएम इंद्री डा. रमन गुप्ता,सीटीएम सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्य मौजूद रहे।
