कुरुक्षेत्र, 8 अक्टूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू कार्यकारिणी परिषद की 294वीं बैठक गुरुवार को प्रशासनिक ब्लॉक के कमेटी रूम में फिजिकल और वर्चुअल (गूगल मीट) दोनों माध्यमों से आयोजित हुई। बैठक में 27 मुद्दों पर विचार किया गया, जिनमें शिक्षकों की पदोन्नति, अवकाश और प्रतिनियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। बैठक की शुरुआत में 25 अगस्त 2026 को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई तथा उस बैठक के निर्णयों पर की गई अनुवर्ती कार्रवाई को नोट किया गया।
परिषद में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों के 12 शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई। सीनियर प्रोफेसर पद के लिए सीएएस के तहत छह प्रोफेसरों को पदोन्नति प्रदान की गई जिनमें सोशोलॉजी विभाग के डॉ. प्रेम कुमार, बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. जसबीर सिंह, वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. नरेंद्र सिंह, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. जी.पी. दुबे, वाणिज्य विभाग के डॉ. तेजेन्द्र शर्मा तथा अंग्रेजी विभाग की डॉ. रश्मि वर्मा शामिल हैं। इसके साथ ही यूआईईटी के चार असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर (एसएफएस) पद पर पदोन्नति की अनुशंसा की गई जिनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. परिणम अनुराधा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. दीपक सूद, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. विशाल और डॉ. सुनील नैन शामिल हैं। कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कंवल गर्ग की प्रोफेसर पद पर तथा समाज कार्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बलिंदर सिंह की एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की सिफारिश की गई। बैठक में डॉ. विकास पोपली, गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कंफरमेशन को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की सहायक प्रोफेसर (एसएफएस) डॉ. सिम्मी वशिष्ठ ने दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में सेवा जारी रखने के लिए असाधारण अवकाश (बिना वेतन) एक और वर्ष बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिस पर परिषद ने विचार किया। वहीं बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर डॉ. रंजन गुप्ता की महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, करनाल में प्रतिनियुक्ति एक वर्ष बढ़ाने पर परिषद में चर्चा की गई।
बैठक में लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस विभाग की डी.लिब., बी.लिब. और एम.लिब. की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में कर्मचारियों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की दरों के संशोधन का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षकों प्रो. अनिता भटनागर, प्रो. संजीव कुमार गुप्ता, प्रो. अश्विनी कुश, प्रो. वीएम मूर्ति तथा सेवानिवृत्ति के बाद सीनियर प्रोफेसर कृष्णा देवी को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त करने, अंशकालिक शिक्षकों/स्टॉप-गैप व्यवस्था तथा अवैतनिक शोधार्थियों के मानदेय में वृद्धि संबंधी सिफारिशों, डॉ. गौरव मेहला के डेंटल सर्जन के रूप में कार्यकाल को छह माह बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
बैठक में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुदेश छिकारा, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पॉल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, धनपत अग्रवाल, प्रो. शिवकुमार चक्रवर्ती, डॉ. जितेन्द्र जोशी, अजय कुमार, प्रो. प्रो. सुनील ढींगरा, धनपत अग्रवाल, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. मोहिन्द्र चंद, प्रो. कुसुम लता, प्रो. उषा रानी, डॉ. मनीषा संधू, डॉ. राजकमल, डॉ. हरविन्द्र लोंगोवाल, कुंटिया प्रधान राजवंत कौर, ओएसडी पवन रोहिला, सहायक उप-कुलसचिव विनोद वर्मा, सहायक कुलसचिव विजय शर्मा सहित कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
केयू हिंदी विभाग में रामकाव्य परम्परा पर विस्तार व्याख्यान आज
कुरुक्षेत्र, 8 अक्तूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में 9 अक्तूबर को विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महा सिंह पूनिया करेंगे।
कार्यक्रम में केयू के पूर्व कुलसचिव प्रोफेसर कृष्ण चन्द रल्हाण रामकाव्य परम्परा और अहमदबख्श थानेसरी रामायण विषय पर विस्तार व्याख्यान देंगे। व्याख्यान में रामकाव्य की समृद्ध परंपरा तथा हरियाणवी सांस्कृतिक परिवेश में अहमदबख्श थानेसरी द्वारा रचित रामायण के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर चर्चा की जाएगी।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महा सिंह पूनिया ने बताया कि इस प्रकार के अकादमिक व्याख्यान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को भारतीय साहित्यिक परंपराओं को व्यापक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि अहमदबख्श थानेसरी की रामायण हरियाणवी लोक-संस्कृति और रामकाव्य परंपरा के महत्वपूर्ण पक्षों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।
साहित्य की विविध विधाएं मानवीय भावनाओं को करती हैं अभिव्यक्तः डॉ. जिम्मी शर्मा
आईआईएचएस में लिटरेरी बुफे कार्यक्रम का आयोजन
विभिन्न साहित्यिक विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
कुरुक्षेत्र, 8 अक्तूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) के लिटरेरी क्लब द्वारा गुरुवार को ‘लिटरेरी बुफेः द ओपन जॉनर शोकेस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कविता, लघुकथा, निबंध और लघु एकालाप जैसी विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
डॉ. जिम्मी शर्मा ने कहा कि ‘लिटरेरी बुफे’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को साहित्य की विविध विधाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न साहित्यिक विधाएं मानवीय भावनाओं को अलग-अलग ढंग से प्रस्तुत करती हैं। कविता में कच्ची भावनाओं, लय और संरचनात्मक सौंदर्य की अभिव्यक्ति होती है, जबकि लघुकथा कम शब्दों में एक प्रभावशाली संसार का निर्माण करते हुए कथानक को गति प्रदान करती है। इसी प्रकार निबंध गहन बौद्धिक विश्लेषण, तर्क एवं व्यक्तिगत चिंतन का माध्यम है, जबकि लघु एकालाप पात्र की भावनाओं, रंगमंचीयता और मौखिक प्रस्तुति को प्रभावी ढंग से सामने लाता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की साहित्यिक विधा का चयन कर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान कविता के माध्यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति, लघुकथा के माध्यम से संक्षिप्त कथानक एवं प्रभावशाली प्रस्तुति, निबंध के माध्यम से विचारों एवं विश्लेषण तथा लघु एकालाप के माध्यम से अभिनय और संवाद-कौशल का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में भवना, तुषार, राखी, ज्योति, जतिन, श्रुति, परिणीता यादव, आदित्य पाठक तथा प्रीति सहित विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों में बीए अंग्रेजी ऑनर्स, बीएससी बायोकेमिस्ट्री ऑनर्स, बीए हिंदी ऑनर्स, बीए, बीसीए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा एमएससी अर्थशास्त्र के विद्यार्थी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रामचंद्र ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
सोशल मीडिया टूल्स में छात्र अपने आप को बनाए सक्षमः डॉ. सुमित श्योरान
सफल उद्यमी बनने के लिए दृढ निश्चय और एकाग्रता ज़रूरीः रिया खेडा
सी आर एम पूर्ण रूप में डिजिटल मार्केटिंग पर निर्भरः चंद्र प्रकाश
मीडिया संस्थान में पांच दिवसीय कार्यशाला का तीसरा दिन सम्पन्न
कुरुक्षेत्र, 8 अक्टूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएमएएमटी) तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डिजिटल मार्केटिंग पर पांच दिवसीय कार्यशाला के तीसरे कार्यशाला के मुख्य सत्र में बोलते हुए डॉ. सुमित श्योरान ने कहा कि आज के दौर में मीडिया और मार्केटिंग परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को सोशल मीडिया टूल्स का केवल उपयोगकर्ता बनने के बजाय उनमें खुद को सक्षम और कुशल बनाना होगा ताकि वे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिस्पर्धी बन सकें। इसी क्रम में कंटेंट क्रिएशन एंड डिजिटल स्टोरीटेलिंग विषय पर भी गहन परिचर्चा हुई, जिसमें डिजिटल माध्यमों पर प्रभावी संवाद के तरीकों को रेखांकित किया गया।
विशेषज्ञ वक्ता रिया खेड़ा ने विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि एक सफल उद्यमी बनने के लिए केवल विचार होना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए दृढ़ निश्चय और निरंतर एकाग्रता बेहद जरूरी है। वहीं, चंद्र प्रकाश ने आधुनिक व्यवसाय प्रणाली में डिजिटल मार्केटिंग की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि आज ग्राहक संबंध प्रबंधन पूरी तरह से डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों पर ही निर्भर है । संस्थान की निदेशक प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने सभी वक्ताओं का स्वागत किया और बताया के आज तीसरे दिन छात्रों को आधुनिक मीडिया और उद्यमिता के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के संयोजक डॉ कंवरदीप शर्मा ने बताया के इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल युग की उभरती तकनीकों, कंटेंट क्रिएशन और ऑनलाइन व्यावसायिक रणनीतियों में दक्ष बनाना है। इस कार्यक्रम में डॉ. अभिनव कटारिया, डॉ. सतीश राणा, राकेश कुमार, अमित जांगड़ा, सचिन वर्मा, मोनिका, ऋतु, सुनीता और संस्थान से अन्य शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे।
यूआईईटी के ई-समिट में विद्यार्थियों ने सीखे उद्यमिता और वित्तीय प्रबंधन के गुर
कुरुक्षेत्र, 8 अक्टूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित ई-समिट 2026 में विद्यार्थियों को उद्यमिता, वित्त एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन पिचिंग प्रतियोगिता, वर्चुअल स्टॉक मार्केट, एआई/एमएल वर्कशॉप तथा ऊर्जा दक्षता में करियर अवसर विषय पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि पिचिंग प्रतियोगिता में दो-दो सदस्यों वाली छह टीमों ने सोलर पावर्ड बैकपैक, स्मार्ट सेफ्टी हेलमेट, कैंपस मार्केटप्लेस ऐप और स्मार्ट लंचबॉक्स जैसे नवाचार आधारित विषयों पर अपने आइडिया प्रस्तुत किए। निर्णायक राजिंदर चौधरी ने विद्यार्थियों के विचारों की व्यावहारिकता एवं उपयोगिता का मूल्यांकन किया।
एम.वी. सदन में ‘ऊर्जा दक्षता रू एक करियर अवसर’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रमाणित एनर्जी ऑडिटर देवेंद्र सिंह ने ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत करवाया।
ई-समिट के दौरान वर्चुअल स्टॉक मार्केट भी शुरू किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को इंट्राडे ट्रेडिंग, कैश ट्रांजैक्शन तथा एफएंडओ के लिए वर्चुअल फंड उपलब्ध करवाए गए। विद्यार्थियों को निवेश में विविधीकरण अपनाने तथा प्रत्येक ट्रेड के पीछे का कारण दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया।
ई-समिट संयोजक लेफ्टिनेंट डॉ. अजय जांगड़ा ने बताया कि ‘द गोल्डन पिच’ प्रतियोगिता में चार छात्र उद्यमियों ने अपने बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए। प्रत्येक प्रतिभागी को सात मिनट की पिच के बाद पांच मिनट के प्रश्नोत्तर सत्र का अवसर मिला। निर्णायकों ने प्रतिभागियों को उनके आइडिया एवं कार्ययोजना पर महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक दिया।
इस अवसर पर डॉ. विशाल अहलावत, डॉ. प्रियंका जांगड़ा, डॉ. संजीव आहूजा, रविंद्र चौधरी सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
