हल्द्वानी के ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर कांग्रेस ने उठाए सवाल—छुआछूत की मानसिकता पर कार्रवाई कब?
करनाल, 31 अगस्त। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल द्वारा आज डॉ. बी. आर. अंबेडकर चौक, मॉल रोड, करनाल से जिला स्तरीय जोरदार रोष मार्च निकाला गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर राहुल गांधी जी के समर्थन में अपनी एकजुटता दर्ज कराई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने देशभर की प्रदेश एवं जिला कांग्रेस कमेटियों को बड़े स्तर पर विरोध मार्च आयोजित कर सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी जी के समर्थन, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के पक्ष में जोरदार नारेबाजी करते हुए एफआईआर का विरोध किया।
जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि, “राहुल गांधी जी के खिलाफ दर्ज यह एफआईआर केवल एक नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि उस आवाज को दबाने का प्रयास है जो देश के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों के सम्मान के लिए लगातार मजबूती से खड़ी होती रही है। राहुल गांधी जी ने हल्द्वानी के ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर सवाल उठाकर किसी समाज या समुदाय का अपमान नहीं किया, बल्कि उस सोच पर सवाल खड़ा किया है जो आज भी इंसान को जाति के आधार पर देखने का दुस्साहस करती है।”
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “जिस देश का संविधान हर नागरिक को बराबरी, सम्मान और गरिमा का अधिकार देता है, वहां किसी व्यक्ति के आने के बाद किसी स्थान का ‘शुद्धीकरण’ किए जाने की बात सामने आना पूरे समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है। अगर ऐसी घटना पर सवाल उठाना अपराध है, तो सामाजिक बराबरी और इंसानियत की आवाज कौन उठाएगा? एफआईआर से राहुल गांधी जी की आवाज नहीं दबेगी, बल्कि यह आवाज और मजबूती से देश के सामने उठेगी।”
पराग गाबा ने कहा कि जिन लोगों पर कथित रूप से इस जातिवादी कृत्य को अंजाम देने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि उत्तराखंड में इस घटना के लिए जिम्मेदार भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी तत्काल कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाए। विपक्ष के नेता को निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की राजनीति लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि दलित सम्मान, सामाजिक न्याय और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं, बल्कि संविधान के प्रति जिम्मेदारी है। मुकदमों और दबाव की राजनीति से कांग्रेस न डरेगी और न पीछे हटेगी। संविधान में निहित सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे के मूल्यों पर कोई हमला होगा, तो कांग्रेस उसकी आवाज बनकर मजबूती से खड़ी रहेगी।
रोष मार्च में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, विधायक एवं पूर्व विधायक, लोकसभा एवं विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी, वरिष्ठ कांग्रेसजन तथा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, एससी सेल, ओबीसी सेल, बीसी सेल, महिला कांग्रेस एवं विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पराग गाबा, जोगिन्दर वाल्मीकि, दिलशेर डाचर, तरुण चौहान, ललित अहूजा, पंकज गाबा, पंकज पाल, रोहित जोशी, नवनीत रंधावा, रजत लाठर, पप्पू लाठर, हरि राम सांबा, कुलबीर मान, ओमप्रकाश सलूजा, अमर सिंह रंगा, रॉबिन माइकेल, गुलाब सिंह चौहान, कुलदीप सिंह, शारदा सिंधु, सपना राणा, गुरविंदर कौर, बिजेन्द्र खोकर, बलदेव सांभली, शेर सिंह डबरी, परवीन पुनिया, जोगा अग्घी, जितेंद्र पांचाल, विनोद शर्मा, सोनू शर्मा, पीयूष शर्मा, किशन सोलंकी, पृथ्वी राज भट्ट, सुरेश काछवा, रमेश जोगी, ललित अरोड़ा, स्लैश, ब्रिज शर्मा, गोविंद पाल, सौरव, रजत एडवोकेट, राज चौधरी, नाजिम प्रधान, परवीन उचाना, रमन सिंह, वीरेन्द्र कौर, राजपाल तंवर, अमृत बिशन एवं रामफल मलिक सहित बड़ी संख्या में शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने एकजुट स्वर में कहा कि राहुल गांधी जी अकेले नहीं हैं—करनाल का हर कांग्रेस कार्यकर्ता. सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
