करनाल 24 जुलाई, मानसून के दौरान जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने के उद्देश्य से महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शहरवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘कैच द रेन’ अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुडऩे की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा की हर बूंद को सहेजने का संकल्प ले, तो न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि आने वाली पीढय़िों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
जल संरक्षण को बनाएं जनभागीदारी का अभियान।
महापौर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी भी है। वर्तमान समय में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘कैच द रेन’ अभियान वर्षा की प्रत्येक बूंद को संरक्षित कर भविष्य के जल संकट का स्थायी समाधान तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मिल्खा सिंह स्टेडियम में लगाए गए 30 पौधे, पौधारोपण से भी बढ़ेगा जल संरक्षण
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत मिल्खा सिंह स्टेडियम परिसर में वार्ड नम्बर 14 के पार्षद अमृत लाल जोशी व वार्ड समिति के सदस्यों द्वारा लगभग 30 पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि वर्षा जल के संरक्षण और भूजल रिचार्ज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शहरवासियों से इस मानसून में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाएं, भूजल स्तर बढ़ाने में करें सहयोग।
उन्होंने नागरिकों से अपने घरों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट, सोख्ता गड्ढे एवं रिचार्ज शाफ्ट विकसित कर वर्षा जल को सीधे भूजल में पहुंचाया जा सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और भविष्य में पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
पुराने तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता।
उन्होंने कहा कि शहर के पुराने तालाबों, कुओं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन जल संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने नागरिकों से इन जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
वार्ड समितियां, आरडब्ल्यूए, एनजीओ और युवा संगठन निभाएं सक्रिय भूमिका।
महापौर ने वार्ड समितियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के ‘कैच द रेन’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान से जुड़ेगा, तभी जल संरक्षण को वास्तविक जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा।
हर बूंद बचाने का संकल्प ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शहरवासियों से आह्वान किया कि वे इस मानसून में वर्षा की हर बूंद बचाने का संकल्प लें और जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि आज किया गया छोटा-सा प्रयास भविष्य की पीढय़िों के लिए अमूल्य जल संपदा के रूप में सुरक्षित रहेगा और आत्मनिर्भर एवं जल-सुरक्षित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
